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फिक्स था बाबा रामदेव का अनशन

फिक्स था बाबा रामदेव का अनशन

नई दिल्ली. 4 जून 2011


केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने बाबा रामदेव द्वारा शुक्रवार को लिखे गये एक पत्र को सार्वजनिक करके यह साबित कर दिया है कि बाबा रामदेव द्वारा किया जा रहा अनशन पहले से ही फिक्स था. पत्र के अनुसार रामदेव अपना अनशन समाप्त कर देंगे. यह पत्र रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण ने अपने हाथों से लिख कर कपिल सिब्बल को सौंपा ता.

काला धन-भ्रष्टाचार के खात्मे मांग को लेकर बाबा रामदेव के अनिश्चितकालीन अनशन को खत्म कराने के लिए सरकार द्वारा उनकी मुख्य मांगे स्वीकार कर लिए जाने के बावजूद मामले में एक किस्म का संदेह गहरा गया है. बाबा रामदेव द्वारा कथित रुप से कल लिखे गए एक पत्र को लेकर मामला इतना बिगड़ गया कि सरकार द्वारा अवैध धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने, उसे जब्त करने तथा अपराधियों को सख्त सजा देने के लिए छह महीने के भीतर कानून बनाने की स्पष्ट घोषणा भी बेअसर साबित हुई. उलटे बाबा रामदेव ने सरकार पर झूठ बोलने और विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए अपना अनशन जारी रखने की घोषणा की.

राजधानी में शनिवार को तेजी से हुए नाटकीय घटनाक्रम महत्वपूर्ण मोड़ उस समय आया जब सरकार की ओर से बाबा रामदेव को उनकी प्रमुख मांगें मानने की सूचना दी गई और रामलीला मैदान पर जीत का जश्न मनाया जाने लगा. इसी दौरान केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने संवाददाता सम्मेलन में सरकार का पक्ष रखते हुए बाबा की ओर से लिखा गया वह पत्र सार्वजनिक कर दिया जिसमें बाबा ने कल ही वादा किया था कि वह आज दोपहर अपना अनशन तोड़ देंगे.

सिब्बल ने कहा कि प्रमुख मांगों पर सहमति कल ही बन गई थी कि सरकार कानून बनाने की प्रक्रिया के लिए एक समिति गठित करेगी जो छह माह के भीतर आवश्यक उपाय करेगी. उन्होंने कहा कि बाबा की ओर से यह आग्रह किया गया था कि सरकार कानून बनाने की स्पष्ट घोषणा करे. अब सरकार ने बाबा की यह मांग भी मान ली है. सिब्बल के बाबा के विवादास्पद पत्र को दिखाने के बाद अनशनस्थल सहित और मीडिया हलको में यह चर्चा गर्मा गई कि बाबा का आंदोलन पहले से फिक्स था और अनशन ड्रामाबाजी थी.

बाबा ने इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पत्र लिखकर नहीं दिया था बल्कि लिखवाया गया था. बाबा ने दावा किया कि मंत्रियों ने उनसे कहा था कि वह इस पत्र को प्रधानमंत्री को दिखाने के लिए लिखवा रहे हैं. अपने समर्थकों को संतुष्ट करने के लिए बाबा रामदेव ने मंच पर आकर बार-बार सफाई देने की कोशिश की. बाबा ने कहा कि उनके अनशन का एक उद्देश्य है कि वह रामलीला मैदान में मरने नहीं कुछ करने आए हैं. उन्होंने कहा कि यदि सरकार सभी मांगें मान लेती है तो अनशन की कोई जरुरत नहीं है.

सिब्बल पर प्रहार करते हुए योग गुरु ने कहा कि एक केन्द्रीय मंत्री सरासर झूठ बोल रहा है. उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. अब वह अपना अनशन तभी तोड़ेंगे जब सरकार तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लेगी. सरकार और योग गुरु के बीच तनातनी के माहौल के बीच बाबा ने अपनी गिरफ्तारी की संभावना भी व्यक्त की. उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि यदि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है तो क्या वह अनशन जारी रखेंगे. इस पर उनके समर्थकों ने अनशन जारी रखने की हुंकार भरी.

दोनों पक्षों की ओर से धमकियों का दौर भी शुरू हो गया.सिब्बल ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि सरकार बातचीत करना जानती है तथा स्थिति से निपटना भी जानती है. दूसरी ओर बाबा रामदेव ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति बिगड़ी तो इसके लिए सिब्बल जिम्मेदार होंगें.


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