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दार्जिलिंग की समस्या सुलझाने का दावा

दार्जिलिंग की समस्या सुलझाने का दावा

 

कोलकाता. 8 जून 2011

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि गोरखालैंड के विकास से जुड़े उनकी अधिकांश मांगे राज्य सरकार ने मान ली है और जल्दी ही दार्जिलिंग में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ होने वाली बैठक में इसे पारित कर लिया जायेगा. मंगलवार को दो दिनों तक चली बैठक के बाद ममता बनर्जी ने भी घोषणा की थी कि दार्जिलिंग की समस्या का समाधान हो गया है. हालांकि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि ने साफ किया है कि उनकी पार्टी पृथक गोरखालैंड की मांग पर अब भी कायम है.

ममता बनर्जी ने कहा था कि राज्य के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है. इसकी जानकारी गृह मंत्री पी चिदंबरम को भी दे दी गयी है. पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या दार्जिलिंग के लिए कोई वित्तीय पैकेज होगा ? मुख्यमंत्री ने कहा क्या मैं किसी शादी में बगैर उपहार के जाऊंगी?

गोजमुमो नेताओं के अनुसार बैठक में नये हिल काउंसिल के गठन और उसकी सीमा बढ़ाने के लिये दो हफ्ते के भीतर नई कमेटी बनाये जाने पर सहमति बनी है. कमेटी डुवार्स और तराई के गोरखा बहुल नये इलाकों को हिल काउंसिल में शामिल करेगी.

इससे पहले मुख्य सचिव समर घोष ने कहा था कि यह समझौता बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि समझौता किससे हुआ, बल्कि जरूरी यह है कि समझौते में किन बातों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि नयी हिल काउंसिल में कोई भी चुनाव के जरिये शामिल हो सकता है. नयी हिल काउंसिल में गोजमुमो के चार व सरकार के तीन सदस्य शामिल होंगे. नयी हिल काउंसिल की चाय बागानों पर नियंत्रण की मांग पर एक और कमेटी बनेगी, जो इलाके में भूमि विकास से संबंधित मुद्दों को सुलझाने का काम करेगी.


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