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कांग्रेस बदनाम न करे-अन्ना

कांग्रेस बदनाम न करे-अन्ना

नई दिल्ली. 12 जून 2011


लोकपाल ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने रविवार को एकबार फिर सोनिया गांधी को पत्र लिख कर रहा है कि मैं संघ का एजेंट नहीं हूं. अन्ना हजारे ने 'भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुखौटा' बताने पर कड़ा ऐतराज जताया है.

लोकपाल विधेयक के दायरे में प्रधानमंत्री को भी लाने को लेकर अड़े अन्ना हजारे ने पत्र में लिखा है कि कांग्रेस के पदाधिकारी और मंत्री उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. हज़ारे ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा कि सरकार के मंत्री जनलोकपाल विधेयक के बारे में जनता को गुमराह करने की कोशिश नहीं करें.

उन्होंने कहा कि कुछ भ्रष्ट लोग भ्रष्टाचार निरोधी नए कानून को तैयार करने की प्रक्रिया को अवरुद्ध करने की कोशिश कर रहे हैं. अगर सरकार के उनके किसी संगठन से सम्बंध होने के कोई सबूत है तो इन्हें पेश करे. अन्ना कहा है कि हमारा किसी पार्टी से कोई रिश्ता नहीं है. यह जनता को भ्रमित करने की कोशिश है. कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं को ऎसे बयान देने से रोकें.

अन्ना हजारे ने कहा कि यदि सरकार 15 अगस्त तक लोकपाल कानून नहीं बनाती है तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा.अन्ना हजारे ने कहा,'ऐसा लगता है कि सारे भ्रष्ट लोग भ्रष्टाचार निरोधी प्रभावी कानून तैयार करने की प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए एकजुट हो गए हैं.

अन्ना हजारे ने पत्र में कहा है, 'सभी भ्रष्ट लोगों की एक ही रणनीति है कि समिति में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं की छवि खराब की जाए. मैं इस सोच का हूं कि जनता के लिए काम करने वाले लोगों को सार्वजनिक जांच के दायरे में होना चाहिए, लेकिन खुलेआम झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं.

अन्ना हजारे ने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा की गई टिप्पणियों का भी पत्र में जिक्र किया है. उन्होंने सवाल किया है कि क्या सोनिया गांधी ने उनकी टिप्पणियों को निजी तौर पर मंजूरी दी है. अन्ना हजारे ने लिखा है,'कांग्रेस पार्टी के महासचिव पिछले दो माह से मुझे और रामदेव को निशाना बनाए हुए हैं.