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भाकपा-माकपा का हो सकता है विलय

भाकपा-माकपा का हो सकता है विलय

हैदराबाद. 13 जून 2011


मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि निकट भविष्य में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का विलय हो सकता है. सोमवार को हैदराबाद में सीताराम येचुरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि माकपा और भाकपा का विलय एक टिकाउ रास्ता है. ज्ञात रहे कि 1925 में स्थापित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 1964 में विभाजन हो गया था और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का उदय हुआ.

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि “ दोनों पार्टियों का विलय चाहे कितना ही वांछित क्यों नहीं हो, उसे एक खास प्रक्रिया से गुजरना होगा. इसे करने का एक तरीका विभिन्न जनसंगठनों का एकीकरण और निचले स्तर पर संयुक्त गतिविधियां है . मैं समझता हूं कि ज्यादा टिकाउ रास्ता यही है, इसके बजाय कि नेतृत्व स्तर पर एकीकरण हो. यह प्रक्रिया चल रही है और दोनों पार्टियां जनसंगठन स्तर पर एक साथ काम कर रही हैं.’’

माकपा नेता से जब यह पूछा गया कि क्या यह प्रक्रिया अंतत दोनों पार्टियों के विलय की तरफ़ ले जाएगी तो उन्होंने जवाब दिया, ‘‘उम्मीद है कि ऐसा होगा.’’ येचुरी ने विलय की समय सीमा पर कुछ कहने से इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘‘हम कोई समय सीमा नहीं दे सकते. लेकिन वामपंथ के सभी शुभचिंतक चाहते हैं कि यह यथाशीघ्र हो.’’

भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन पर टिप्पणी करते हुये येचुरी ने कहा कि ‘‘उन्होंने जो मुद्दा उठाया है वह अहम है. लेकिन मैं नहीं समझता कि कोई यह दावा कर सकता है कि वे समूचे नागरिक समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं. हम क्या हैं? गैरनागरिक समाज अनसिविल सोसाइटी? हर कोई नागरिक समाज का हिस्सा है.’’

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

MILIND JANAWADE [mjanawade@gmail.com] BHOPAL,M.P. - 2011-10-02 23:07:01

 
  VERY GOOD NEWS,IT IS REVOLUTIONARY 
   
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