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महिला आरक्षण पर बैठक बेनतीजा

महिला आरक्षण पर बैठक बेनतीजा

नई दिल्ली. 22 जून 2011


महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की ओर से बुधवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कोई नतीजा निकल सका. बैठक में सपा और बसपा ने भाग नहीं लिया. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधेयक पर सहमति बनाने के लिए आगे विचार-विमर्श जारी रखा जाएगा और संसद के मानसून सत्र से पहले एक और बैठक बुलाई जाएगी. लोकसभा अध्यक्ष की ओर से यह बैठक महिला आरक्षण विधेयक पर आम सहमति बनाने के प्रयासों के तहत बुलाई गई थी, ताकि इसे एक अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जा सके. यह विधेयक पहले ही राज्यसभा में पास हो चुका है.

बैठक के दौरान शिवसेना ने मांग की कि राजनीतिक दलों को महिलाओं के लिए टिकट आरक्षित करना चाहिए, वहीं राजद ने अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए 'कोटा के भीतर कोटा' पर जोर दिया. मीरा की ओर से महिला आरक्षण विधेयक पर आम सहमति बनाने के लिए बुलाई गई बैठक में भाजपा, वामदल, अन्नाद्रमुक, द्रमुक, अकाली दल, तृणमूल कांग्रेस एवं अन्य दल शामिल हुए. बैठक में विधेयक के प्रारूप के विरोधियों में शामिल सपा और बसपा शामिल नहीं हुए.

इस विषय पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि मैं सपा और बसपा को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अलग से आमंत्रित करूंगी. इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने तक प्रयास जारी रहेंगे. कुमार ने कहा कि विधेयक पर सहमति नहीं बन पाने के मद्देनजर संसद के मानसून सत्र से पहले वह सभी राजनीतिक दलों की एक और बैठक बुलाएंगी. ऐसी संभावना है कि वह विधेयक के प्रारूप पर असहमत होने वाले राजनीति दलों से अलग से बातचीत करेंगी.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बैठक के दौरान लोकसभा अध्यक्ष से आम सहमति बनाने का आग्रह किया, ताकि कोई अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो. सुषमा ने कहा कि जो सदस्य विधेयक के मसौदे से असहमत हैं उन्हें अपना विचार रखने का मौका दिया जाना चाहिए और संशोधन पेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए, लेकिन मार्शल के इस्तेमाल जैसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए.

राजद सांसद रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि आरक्षण में 'कोटे के भीतर कोटा' होना चाहिए और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए उसमें 33 प्रतिशत सीट आरक्षित होनी चाहिए.

सुषमा स्वराज ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्यसभा में विधेयक का समर्थन किया था और लोकसभा में भी पार्टी का यही रुख रहेगा. वहीं लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की इच्छा जताई थी. इस विषय पर प्रयास जारी रहेगा.