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सरकार नहीं चाहती लोकपाल- अन्ना हजारे

सरकार नहीं चाहती लोकपाल- अन्ना हजारे

नई दिल्ली. 22 जून 2011


अन्ना हज़ारे ने कहा है कि सरकार लोकपाल बिल को लेकर लोगों में ग़लतफहमी फैला रही है. उन्होंने कहा कि सीबीआई पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में काम कर रही है, जिससे भ्रष्ट नेताओं को सरकारी संरक्षण मिल रहा है.

अन्ना हजारे ने पत्रकारों से बातचीत में साफ किया कि लोकपाल समानांतर सरकार नहीं है. उन्होंने कहा कि इस बार उनके प्राण भले ही चले जाएं लेकिन वो इस बार सरकार के झांसे में नहीं आयेंगे और प्रभावी जन लोकपाल बिल बनने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

अन्ना ने कहा कि उन्हें सरकार पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है और आगामी 16 जुलाई से जंतर मंतर पर आज़ादी की दूसरी लड़ाई का आगाज़ होगा, और ये आंदोलन पिछली बार से बड़ा आंदोलन होगा.

उन्होंने कहा कि सरकार का दखल जिस प्रकार चुनाव आयोग में नहीं है उसी प्रकार लोकपाल को भी स्वायत्तता देनी चाहिए. सरकार की मंशा अगर भ्रष्टाचार को मिटाने की है तो सीबीआई और सीवीसी को लोकपाल के दायरे में लाने में क्या दिक्कत है.

अन्ना हजारे ने कहा कि इस देश में नेताओं और अधिकारियों का गंदा गठबंधन है जो इस देश से भ्रष्टाचार को खत्म नहीं होने दे रहा है और दोनों मिलकर जनता के पैसों की बंदरबांट कर रही है. इनको लोकपाल के दायरे में लाने पर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी तो इसपर लगाम लगेगी.

उन्होंने कहा कि देश को बड़ा खतरा पाकिस्तान से नहीं बल्कि नेताओं और अधिकारियों के इस गठबंधन से ज्यादा है.प्रभावी लोकपाल बिल के बाद इसपर लगाम लगेगी.


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