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मुंबई में सीरियल ब्लास्ट

मुंबई में सीरियल ब्लास्ट

मुंबई. 13 जुलाई 2011

मायानगरी मुंबई सीरियल धमाकों से एक बार फिर दहल उठी हैं. मुंबई में हुए तीन धमाकों में कई लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी हैं और इसमें 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

भारत की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में बुधवार शाम एक के बाद तीन जगहों पर धमाके हुए. ये सभी हमले शाम 6:45 से 7 बजे के करीब हुए. पहला धमाका झवेरी बाजार के डायमंड एरिया इलाके में हुआ. दूसरा धमाका दादर के कबूतरखाना इलाके में एक टैक्सी में हुआ. तीसरा धमाका चर्नीरोड स्टेशन के पास ओपेरा हाउस में हुआ.

गृहमंत्रालय ने इन हमलों को आतंकी हमला बताया है. गृह मंत्रालय ने कहा है कि ये सभी धमाके आईईडी ब्लास्ट के जरिए किए गए हैं. पहला विस्फोट झावेरी बाज़ार में हुआ. यहां भारी भीड़ होती है. धमाके के समय भी वहां बहुत बड़ी तादाद में खरीदार मौजूद थे. चश्मदीदों के मुताबिक दादर में धमाका एक टैक्सी में हुआ.

मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकवादी हमलों के बाद की यह सबसे बड़ी घटना है. धमाके में घायल लोगों को मुंबई के केईएम और जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

धमाकों के बाद सभी राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. घटना के बाद एनआईए की टीम को मुंबई रवाना कर दिया गया. महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी घटना स्थल पर रवाना हो गई है. साथ ही दिल्ली से फॉरेंसिक टीम रवाना हो गई.इन धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिद्दीन या लश्कर का हाथ बताया जा रहा है.

कब-कब धमाके

26 नवंबर 2008 में मुंबई के कई इलाकों में हथियारबंद लोगों ने हमले किए जिनमें 164 से ज़्यादा लोगों का मौत हो गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए. इन हमलों में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, ओबाराय ट्राइडेंट, ताज महल पैलेस होटल, लियोपोसल्ड कैफे, कामा अस्पताल और नरिमन हाउस इलाके शामिल हैं.


इसके अलावा 11 जुलाई 2006 को मुंबई की सात लोकल ट्रेनों में सात धमाके हुए इनमें 181 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई.


25 अगस्त 2003 को गेटवे ऑफ इंडिया और झावेरी बाज़ार इलाके में धमाके हुए इनमें 50 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई.


12 मार्च 1993 को मुंबई में कई जगहों पर हुए धमाकों में 257 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.


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