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महंगाई बढ़ाने वाला विकास नहीं चाहिये

महंगाई बढ़ाने वाला विकास नहीं चाहिये

 

नई दिल्ली. 4 अगस्त 2011

लोकसभा में महंगाई पर बुधवार को हुई बहस में मुख्यी विपक्षी दल भाजपा की ओर से यशवंत सिन्हा ने सरकार पर निशाना साधा तो सत्ता पक्ष की तरफ से कानून मंत्री सलमान खुर्शीद फिल्मी अंदाज में बचाव करते देखे गये कि विपक्ष के पास भले सब कुछ हो, लेकिन सरकार के पास डाक्टर मनमोहन सिंह हैं.

लोकसभा में महंगाई पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाने वाले सिन्हा ने कहा, 'सरकार और विपक्ष के बीच कोई समझौता नहीं है. उन्होंने (सरकार ने) इस पर नियम 184 के तहत चर्चा कराने की हमारी मांग स्वीकार कर ली.' उन्होंने कहा कि अगर विकास के कारण महंगाई बढ़ रही है, तो हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए.

भाजपा के यशवंत सिन्हा ने एशियाई विकास बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि खाने पीने की जरूरी चीजों के महंगा हाने के कारण देश में और पांच करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे चले गए हैं. उन्होंने कहा कि “सरकार चाहे तो दो महीने में महंगाई पर लगाम लगा सकती है. आज सदन से यह संदेश जाना चाहिए कि दो महीने में सरकार महंगाई पर काबू पा लेगी. इसके लिए कल से ही उपाय शुरू हो जाएं. हर फसल के बाद कृषि मंत्री यह ऐलान करते हैं कि देश में बंपर कृषि उत्पादन हो रहा है. सरकारी गोदामों में साढ़े छह करोड़ टन अनाज रखा हुआ है. लेकिन इसके वितरण की सही व्यवस्था नहीं है. सरकार गोदामों से अनाज मुक्त करे तो खुले बाज़ार में अनाज की कीमतें जरूर गिरेंगी. सरकार घाटे के डर की वजह से ऐसा नहीं कर रही है. क्या लोग भूखों मरे और सरकार नुकसान की चिंता करती रहे?”

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पी करुणाकरन ने कहा कि महंगाई की मार से देश की अधिकांश जनता त्रस्त है. उन्होंने कहा किमहंगाई से चारों ओर त्राहिमाम् मचा है. बीजू जनता दल के भर्तृहरि मेहताब ने कहा कि मुद्रास्फीति दर में लगातार बढोतरी से देश की आर्थिक विकास की गति प्रभावित होगी. उन्होंने कहा कि बढती मुद्रास्फीति के कारण देश मिलेनियम डेवलपमेंट गोल (एमडीजी) हासिल कर पाने में विफल रहेगा.

शिवसेना के अनंत गीते ने कहा कि देश की 70 करोड़ से अधिक आबादी महंगाई की चपेट में है और हर कोई इससे निजात चाहताहै. उन्होंने कहा कि गरीबी के संबंध में सरकार की ओर से जारी आंकड़े सही नहीं हैं. उन्होंने महंगाई रोकने के लिए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की.

अन्नाद्रमुक के एम थम्बीदुरई ने कहा कि पिछले पांच साल में सोने के मूल्य में हुई बढोतरी से साफ है कि मुद्रास्फीति किस ऊंचाई तक पहुंच चुकी है.

सरकार का पक्ष रखते हुए खुर्शीद ने कहा, 'केंद्र सरकार ने 50 लाख टन अनाज गरीबी रेखा, इतना ही अनाज गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के बीच बांटा है. जबकि 50 लाख टन अनाज सुरक्षित रखा गया है. हम यह न मानकर चलें हर साल फसल अच्छी होगी. दिसंबर, 2010 के बाद से महंगाई बढ़ी है. लेकिन अच्छे मॉनसून के बाद इसमें गिरावट आएगी.'

केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, 'सभी उभरती अर्थव्यवस्थाएं महंगाई से जूझ रही हैं. महंगाई को लेकर दुनिया के कई देशों से बेहतर तरीके से हमारी सरकार ने मुकाबला किया है. अगर हम सरकारी घाटे को रोक देते तो बेरोजगारी बढ़ने का खतरा था. हां, विकास के साथ चलने पर महंगाई कुछ बढ़ी है. लेकिन आज का सच यही है. इसके साथ ही में जीना सीखना होगा.'

सलमान खुर्शीद ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था से अलग रहकर वजूद बनाए रखना मुश्किल है. चीन ने ऐसा करने की कोशिश की थी, लेकिन अंत में उन्हें विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बनना पड़ा और जिसमें भारत ने उनकी मदद की है. भारत की अपनी सोच और पहचान हैं. बहुत सारे क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सरकार का नियंत्रण जरूरी है. वहीं, कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां सरकार की दखलंदाजी कम से कम है.


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