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फ़िल्म अभिनेता शम्मी कपूर का निधन

फ़िल्म अभिनेता शम्मी कपूर का निधन

मुंबई. 14 अगस्त 2011


हिंदी फिल्मों के पहले सिंगिंग-डांसिग स्टार शम्मी कपूर का रविवार को मुंबई में निधन हो गया. 79 साल के शम्मी कपूर को पिछले रविवार ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह काफी समय से बीमार चल रहे थे. उन्हें हफ़्ते में तीन बार डायलिसिस के लिए ले जाया जाता था.

उनके परिवार में पत्नी नीला देवी, पुत्र आदित्य राज और पुत्री कंचन देसाई हैं.

मुंबई में ही 21अक्तूबर 1931 को जन्मे शम्मी कपूर का असली नाम शमशेर राज कपूर था और उन्होंने थियेटर के ज़रिए अभिनय की दुनिया में क़दम रखा. पचास के दशक में उन्होंने अपने फ़िल्मी करियर की शुरूआत की. सबसे पहले 1953 में उन्होंने फ़िल्म 'जीवन ज्योति' में काम किया. उसके बाद पचास और साठ के दशक में शम्मी कपूर ने कई हिट फ़िल्में दीं. हालांकि शुरूआत में उनकी कई फ़िल्में दर्शकों को ज़्यादा पसंद नहीं आई. शुरू में इनकी कई फिल्में रेल का डिब्बा, लैला मंजनू, ठोकर, शमा, परवाना, हम सब चोर हैं फ्लॉप रही.

कामयाबी का स्वाद 1957 में तब मिला जब उनकी फिल्म तुम सा नहीं देखा को दर्शकों ने काफी सराहा. इनके लिए 1961 का साल काफी अहम रहा जब 'जंगली' फिल्म रिलीज हुई. उनकी यह पहली रंगीन फिल्म थी. फिल्म में उनकी 'याहू शैली' और 'चाहे मुझे कोई जंगली कहे' गाने ने उन्हें रातोंरात लोकप्रियता के शिख़र पर पहुंचा दिया.

इस गाने की लोकप्रियता आज भी बरकरार है. शम्मी ने इसके बाद प्रोफेसर, चाइना टाउन, प्यार किया तो डरना क्या, कश्मीर की कली, ब्लफ मास्टर, जानवर राजकुमार, तीसरी मंजिल, बद्तमीज, एन ईवनिंग इन पेरिस, प्रिंस और ब्रह्मचारी जैसी कई सुपरहिट फिल्में की.

1968 में उन्हें ब्रह्मचारी के लिए श्रेष्ठ अभिनय का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला. चरित्र अभिनेता के रूप में शम्मी कपूर को 1982 में विधाता फिल्म के लिए श्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला.


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