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भ्रष्ट हैं अन्ना हजारे- मनीष तिवारी

भ्रष्ट हैं अन्ना हजारे- मनीष तिवारी

नई दिल्ली. 14 अगस्त 2011


अन्ना हजारे द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखने पर नाराज कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में अन्ना हजारे पर जमकर हमला बोला. कांग्रेस प्रवक्ता ने 2005 में बने जस्टिस सावंत आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अन्ना के लोगों पर फिरौती, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, गुंडागर्दी और दूसरों की संपत्ति पर कब्जा करने के आरोप हैं. अन्ना हजारे पर भ्रष्टाचार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जस्टिस सावंत आयोग ने अन्ना की चार संस्थाओं की जांच की है. अन्ना के एक ट्रस्ट ने 1982 से 2002 के बीच लेखा जोखा नहीं दिया है. अन्ना ने फौज की चिट्ठी का भी जवाब नहीं दिया.

हालांकि मनीष तिवारी के आरोपों को लेकर जस्टिस सावंत ने आज एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘मेरी रिपोर्ट में जिस भ्रष्टाचार का जिक्र हुआ है, वह किसी व्यंक्ति से नहीं, बल्कि संस्था से जुड़ा है.’

अन्ना हजारे से नाराज मनीष तिवारी ने कहा कि, “ मई 2011 को फौज ने अन्ना को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कहा गया है कि आपने जो फौज में सेवा की है उसकी कोई सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांग रहा है लेकिन अभी तक अन्ना हजारे ने उस चिट्ठी का जवाब नहीं दिया. जब आप पारदर्शिता की बात करते हो, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग की बात करते हो तो क्या आपत्ति है जवाब देने में. आप अपने मामले में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाते. अन्ना के आंदोलन का पैसा कहां से आ रहा है, नहीं मालूम."

अन्ना की इस टिप्पणी पर कि पीएम किस मुंह से झंडा फहराएंगे, मनीष तिवारी ने कहा, “हजारे ने संस्कृति और शिष्टाचार की सारी हदें पार कर दी हैं. उन्होंने न सिर्फ पीएम का अपमान किया बल्कि तिरंगे का भी अपमान किया है जिसे लाल किले पर लहराने के लिए लाखों हिंदुस्तांनियों ने बलिदान किया. अन्ना की पीएम पर टिप्पणी गैरजिम्मेदार, असंवैधानिक और अनैतिक है.'

बौखलाये हुये मनीष तिवारी ने अन्ना हजारे के लिये कहा- “तुम किस मुंह से भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन की बात करते हो. ऊपर से नीचे तक तुम भ्रष्टाचार में खुद लिप्त हो. ये बात हम नहीं कहते, बल्कि उच्चतम न्‍यायालय के एक न्यायाधीश की अगुवाई में बना हुआ जांच आयोग कहता है. अगर आप नैतिकता की दुहाई देते हैं तो पहले सावंत आयोग के इल्जामों का जवाब दें."

मनीष तिवारी ने कहा, "मैं जस्टिस संतोष हेगड़े और वकील शांति भूषण से यह पूछना चाहता हूं कि आपने कभी अन्ना हजारे से यह पूछने की जरूरत नहीं समझी कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के कितने आरोप हैं. 16 अगस्त के अनशन का लोकपाल या फिर भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है. यदि इस अनशन का भ्रष्टाचार से कोई लेना देना है तो अन्ना पहले अपने खिलाफ लगे आरोपों का जवाब दें."

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

prahlad [prahladpushpad@gmail.com] alwar - 2011-08-18 06:55:32

 
  मनीष तिवारी जी का दिमाग उनके काबू में नहीं है. 
   
 

Pravin Patel [tribalwelfare@gmail.com] Bilaspur, Chhattisgarh - 2011-08-15 19:39:04

 
  We are now in Sixty Fourth year of our gaining Independence that has come at a very heavy cost of sacrifices of many of our heroes who had big dreams that in the freedom and self rule, there will be all round prosperity for all. Where we have landed on this day when our natural resources are looted, corporate houses rule the country from behind the curtain, farmers are committing suicide, their lands are forcibly taken away even at the cost of firing live bullets, 60% of our population are struggling to survive while Rajas and Ranis are looting the country but Dhrutrastra styled PM is in silent mode despite documents prove that he was in knowledge of what is happening under his nose. We do not know much about present generation of great leaders like Subhas Bose, Sardar Vallabhbhai Patel, Maulana Abdul Kalam Azad, Shaheed Bhagat Singh, one amongst many heroes who sacrificed their lives to get us free.

How many of us know what is happening with 95 year old Prakash Kaur, younger sister of Shaheed Bhagat Singh! She is struggling for last 22 years to get justice for her son-in-law, Kuljeet Singh Dhatt who was killed in 1989, allegedly by five Punjab Police cops in Hoshiarpur district in an fake encounter. Even the Apex Court Intervention has failed to work on Punjab and Haryana high court where the case is pending for over 14 years. This is one example of how we treat the families of those who have sacrificed their lives to make us free.

Mr. Manish Tiwari, Spokesperson of Congress party in press conference demonstrates arrogance and labels Anna as total corrupt from Top to bottom. This is the height of fear and frustration in the congress party who are showing elephant teeth to fight corruption. Manish Tiwari should very will understand that in the last election, Congress could manage to get only 34% out of total 60% of votes polled. How can he say that they represent 1.2 billion people of the country! Ridiculous. This is the time to stand rock solid behind Anna Hazare who is in a decisive phase of struggle for second independence to free us from shackles of corruption that has made our country look like a Banana Republic in the entire world. We can not remain silent spectator to what is happening and going to happen in next few days.
 
   
 

raghwendra sahu [raghwendrasahu@gmail.com] durg - 2011-08-15 17:52:16

 
  अन्ना हजारे के अनशन और आम लोगों के साथ ही मीडिया के द्वारा मिलने वाले समर्थन से कांग्रेस बुरी तरह बौखला गई है और कांग्रेस के साथ ही उसके मंत्रियों और प्रवक्ता की हालत देखकर मुझे आरक्षण फिल्म के भ्रस्ट और बेईमान प्राचार्य मनोज बाजपाई की याद आ रही है, जो ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ प्राचार्य अमिताभ बच्चन द्वारा बच्चों को निःशुल्क ही टयूशन पढ़ाने से पगलाए जैसी हालत में पहुँच जाता है. यही हाल अभी कांग्रेस की सरकार का है, जो कोई भी सही निर्णय नहीं ले पा रही है. 
   
 

ganesh agrawal [agrawalganesh73@gmail.com] raigarh chhatishgarh - 2011-08-15 08:22:35

 
  मनीष जी, आपको अन्ना के ऊपर ऐसे आरोपों की याद आज ही क्यों आ रही है, खास कर ऐसे समय में जब वे वे जनहित की बात कर रहे हैं. कांग्रेस के आरोपों को देखकर लगता है कि सही बातो की मांग करने वालों को किसी भी तरह से दबाना चाहती है. सही मांगों को स्वीकार कर आपकी पार्टी मिसाल भी पेश कर सकती है. जिस भाषा का प्रयोग आपने अन्ना जी के खिलाफ किया है, वह जिम्मेदार पार्टी के प्रवक्ता के लिए शोभायमान नहीं माना जा सकता! रामदेव अन्ना का सपोर्ट कांग्रेस का विरोध नहीं माना जाना चाहिए बल्कि उनमें हमारे देश का हित देखने की कोशिश झलकनी चाहिए! गाँधी जी की लाठी के उपयोग पर चिंतन जरुरी है. 
   
 

sanjeev pandey [reporter.sanjeev@gmail.com] bilaspur - 2011-08-14 16:04:49

 
  मनीष नामक तिवारी से सिर्फ एक सवाल करना चाहिये कि जिस 2.20 लाख रुपये के लिये अन्ना हजारे भ्रष्ट हो गये, वह मनमोहन सरकार में हुये घोटाले का कितना प्रतिशत है, तिवारी जी का गणित बिगड़ जायेगा ! 
   
 

Vikash Kumar baghel [vikasbaghel_2001@gmail.com] Raipur, Chhattisgarh - 2011-08-14 14:55:00

 
  जब सारे कांग्रेसी एक सुर में भेड़ों की तरह राहुल गांधी को जिम्मेदारी सम्हालने की बात करते हैं तब क्या वर्तमान प्रधानमंत्री मनमोहन जी की प्रतिष्ठा में आंच नहीं आती? इस बात को क्या जनता नहीं समझती? कलमाड़ी से लेकर राजा तक को गोद में बैठाने वाले मनीष तिवारी की कांग्रेस की कहानी जगजाहिर है. और अन्ना को भ्रष्ट कहने से पहले मनीष अपनी सरकार में शामिल लोगों को देख लेते. मुझे लगता है कि अब कांग्रेस में ऐसे ही अधकचरी समझ वाले बाल बुद्धि प्रवक्ता बैठे हुये हैं, जिनके काम को आज तक कोई नहीं जानता. ये भी नहीं कि मनीष तिवारी कहां के हैं, क्या करते हैं, क्या जानते हैं, क्या समझते हैं, युंकाई है या भाजपा से आया हुआ है या.... तो भैय्या मनीष, आकाश पर छूकने से पहले जरा अपने गबारे में बता देते कि तुम्हारी आज तक की उपलब्धि क्या है ? राजा को बचाना, कलमाड़ी को बचाना, शीला जी को बचाना....? 
   
 

Ashutosh Tiwari [ashu.2001@gmail.com] Kanpur - 2011-08-14 14:39:18

 
  जरा अन्ना को मिले इन अवार्डों पर मनीष तिवारी गौर करें- पदम् भूषण अवार्ड (१९९२) पदम श्री अवार्ड (११९०)इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्षमित्र पुरस्कार (१९८६)महाराष्ट्र सरकार का कृषि भूषण पुरस्कार (१९८९)यंग इंडिया अवार्ड ()मैन ऑफ़ द ईयर अवार्ड (१९८८)पॉल मित्तल नेशनल अवार्ड (२०००)यदि सरकार सहि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंटेग्रीटि अवार्ड (२००३)विवेकानंद सेवा पुरुस्कार (१९९६)शिरोमणि अवार्ड (१९९७)महावीर पुरुस्कार (१९९७) दिवालीबेन मेहता अवार्ड (१९९९)केयर इन्टरनेशनल (१९९८) BASAVSHRI PRASHASTI 2000 AWARD (२०००) GIANTS INTERNATIONAL AWARD (२०००) नेशनलइंटरग्रेसन अवार्ड (१९९९) VISHWA-VATSALYA & SANTBAL AWARD जनसेवा अवार्ड (१९९९) ROTARY INTERNATIONAL MANAV SEVA PURASKAR (१९९८) विश्व बैंक का \'जित गिल स्मारक पुरस्कार\' (२००८)..... अगर अन्ना भ्रष्ट हैं तो ये अवार्ड उन्हें कैसे मिले हैं...? मनीष तिवारी, तुम्हें भी बताना चाहिये कि तुम्हें अब तक कितने अवार्ड मिले हैं. 
   
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