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भ्रष्टाचार सबसे बड़ी रुकावट- मनमोहन सिंह

भ्रष्टाचार सबसे बड़ी रुकावट- मनमोहन सिंह

 

नई दिल्ली. 15 अगस्त 2011

स्वतंत्रता दिवस की 64वीं सालगिरह पर लाल क़िले की प्राचीर से भाषण देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा, "दुनिया ये मानती है कि भारत में एक बहुत बड़ी आर्थिक ताक़त के रूप में उभरने की क़ाबिलियत है. लेकिन हमारी प्रगति के रास्ते में भ्रष्टाचार एक बहुत बड़ी रूकावट है."

मनमोहन सिंह ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए है जिनमें कुछ मामलों में केंद्र सरकार के लोगों पर आरोप है जबकि कुछ अन्य मामलों में विभिन्न राज्य सरकार के लोगों पर भी आरोप लगे हैं. उन्होंने कहा कि ये ज़रूरी है कि हम भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखे. मनमोहन सिंह ने कहा, "ये ज़रूरी है कि जब इन मसलों पर विचार करें तो ऐसा माहौल पैदा न हो कि देश की प्रगति पर ही सवाल उठने लगें."

रिश्वतख़ोरी के कई तरीक़ों के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हममें यह आत्मविश्वास होना चाहिए कि हम इन्हें सुलझा लेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "मेरा ऐसा मानना है कि किसी एक बड़े क़दम से ही भ्रष्टाचार को नहीं मिटाया जा सकता है बल्कि इसके लिए हमें कई मोर्चों पर एक साथ काम करना होगा."

अपनी बात की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि न्यापालिका को मज़बूत करना होगा ताकि लोगों को जल्द न्याय मिल सके और लोगों को ग़लत काम करने से पहले सोचना पड़े.

अपने 40 मिनट के संबोधन में भ्रष्टाचार को खास तवज्जो देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भ्रष्टाचार पर इतना कुछ इसलिए कहा है कि मैं समझता हूं कि यह समस्या आज हम सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है. लेकिन यह एक ऐसी मुश्किल है जिससे निपटने के लिए सरकार के पास कोई जादू की छड़ी नहीं है.’’

अन्ना हजारे के मंगलवार से शुरू हो रहे अनशन का उल्लेख किये बिना सिंह ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि इस विधेयक (लोकपाल) को लेकर कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं, जो लोग इस विधेयक से सहमत नहीं हैं वे अपना नज़रिया संसद और राजनीतिक दलों या बेशक प्रेस को भी बता सकते हैं. लेकिन मेरा यह भी मानना है कि हमें अनशन और भूख हड़ताल का सहारा नहीं लेना चाहिए.’’

मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार एक स्वतंत्र लोकपाल का गठन करना चाहती है लेकिन उन्होंने साफ़ किया कि इसका फैसला संसद ही कर सकती है कि इस मामले में कैसा क़ानून बनाया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में नहीं लाया जाएगा.


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