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यह है जन लोकपाल कानून

यह है जन लोकपाल कानून

 

नई दिल्ली. 18 अगस्त 2011
 

प्रस्तुत दस्तावेज़ शान्ति भूषण, जस्टिस संतोष हेगड़े, प्रशांत भूषण एवं अरविन्द केजरीवाल द्वारा तैयार जनलोकपाल बिल के वर्ज़न-2.2 का हिन्दी अनुवाद है. किसी भी आशय के स्पष्टीकरण के लिए मूल अंग्रेजी मसविदा ही देखें.

इस विधेयक का मसविदा केन्द्र में लोकपाल नामक संस्था की स्थापना के लिए तैयार किया गया है. लेकिन इस विधेयक के प्रावधान इस तरह के होंगे ताकि प्रत्येक राज्य में इसी तरह की लोकायुक्त संस्था स्थापित की जा सके.

जन लोकपाल विधेयक संस्करण 2.2

एक अधिनियम, जो केन्द्र में ऐसी प्रभावशाली भ्रष्टाचाररोधी और शिकायत निवारण प्रणाली तैयार करेगा, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक प्रभावी तंत्र तैयार हो सके और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को प्रभावी सुरक्षा मुहैया कराई जा सके.

1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ
(1) इस अधिनियम को जन लोकपाल अधिनियम, 2010 कहा जा सकता है.
(2) अपने अधिनियमन के 120वें दिन यह प्रभावी हो जाएगा.

2. परिभाषाएं

इस अधिनियम में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(1) `कार्रवाई´ का अर्थ है किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने कर्र्तव्य के निर्वहन के लिए की गई कोई कार्रवाई और जिसमें निर्णय, संस्तुति या निष्कर्ष अथवा अन्य किसी प्रकार की कार्रवाई सम्मिलित है, इसमें जानबूझकर विफलता, चूक या इसी तरह की अभिव्यक्ति करने वाली कार्रवाई भी शामिल होगी

(2) `आरोप´ में किसी लोकसेवक के सम्बन्ध में निम्नलिखित में, से किसी भी बात की पुष्टि शामिल है-
क. वह सरकारी कर्मचारी है और कदाचार में लिप्त है
ख. भ्रष्टाचार में लिप्त है.

(3) `परिवाद´ में सम्मिलित है, कोई शिकायत या आरोप अथवा भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने वाले व्यक्ति द्वारा सुरक्षा एवं उचित कार्रवाई के लिए किया गया अनुरोध.

(4) `भ्रष्टाचार´ के अन्तर्गत वे सभी कृत्य सम्मिलित है, जो भारतीय दण्ड संहिता के अध्याय 9 अथवा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत दण्डनीय तय किए गए हैं.
साथ ही यदि किसी व्यक्ति ने किसी कानून या नियम का उल्लंघन करते हुए सरकार से कोई लाभ लिया हो, वह व्यक्ति और उसके साथ ही वे लोक सेवक जिन्होंने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ लेने में उस व्यक्ति की सहायता की हो, भ्रष्टाचार में लिप्त माने जाएंगे.

(5) `सरकार´ अथवा `केन्द्र सरकार´ से आशय है 'भारत सरकार'.

(6) शासकीय कर्मचारी´ से आशय है कोई व्यक्ति, जिसकी नियुक्ति किसी भी समय लोक सेवा अथवा केन्द्र सरकार या उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय से सम्बन्धित किसी पद के लिए, प्रतिनियुक्ति अथवा स्थायी, अस्थायी या अनुबन्ध के आधार पर हुई है या हुई थी, लेकिन इसमें न्यायाधीश शामिल नहीं होंगे.

(7) `शिकायत´ का अर्थ है किसी व्यक्ति द्वारा यह दावा कि उसे सिटीजन्स चार्टर के अनुसार और उस विभाग के जन शिकायत अधिकारी से सम्पर्क के बाद भी सन्तोषजनक समाधान नहीं मिल पाया.

(8) `लोकपाल´ से आशय है -
क. इस अधिनियम के अधीन एवं इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अन्तर्गत निर्धारित कार्य के पालन हेतु गठित पीठें, अथवा
ख. इस अधिनियम के अन्तर्गत, या इस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अन्तर्गत बनाये गये विभिन्न नियमों, विनियमों या आदेशों के अन्तर्गत नियत, तरीके और सीमा में, अपनी शक्तियों का उपयोग करने वाला और अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाला कोई अधिकारी या कर्मचारी
ग. अन्य सभी प्रयोजनों के लिए, संस्था के तौर पर संयुक्त रूप से कार्यरत अध्यक्ष एवं सदस्य;

(9) `अल्प दण्ड´ और `प्रमुख दण्ड´ से आशय वही होगा जो केन्द्रीय लोक सेवा आचरण नियमों में परिभाषित है.

(10) `कदाचार´ का अर्थ है वही होगा जैसा कि केन्द्रीय लोक सेवा (आचरण) नियम में परिभाषित है और जिसमें सतर्कता का दृष्टिकोण हो

(11) `लोक प्राधिकरण´ में सम्मिलित है कोई प्राधिकरण अथवा निकाय अथवा स्वशासी संस्था जिसकी स्थापना या गठन-
क. संविधान द्वारा अथवा संविधान के अन्तर्गत हुआ हो
ख. संसद द्वारा बनाए गए किसी अन्य कानून द्वारा हुआ हो;
ग. सरकार द्वारा जारी अधिसूचना अथवा आदेश, और सरकारी स्वामित्व, नियन्त्रित अथवा पर्याप्त अंश से वित्तपोषित संस्था

(12) `लोक सेवक´ का अर्थ है, वह व्यक्ति जो किसी भी समय था अथवा है,-
क. प्रधानमन्त्री;
ख. मन्त्री;
ग. संसद सदस्य;
घ. उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश;
ङ. सरकारी कर्मचारी;
च. अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष (यथा नाम) अथवा स्थानीय प्राधिकरण का कोई सदस्य, जो कि केन्द्रीय सरकार के नियन्त्रण में हो अथवा एक सांविधिक निकाय अथवा निगम जिसका गठन भारतीय संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून के अन्तर्गत हुआ हो, जिसमें सहकारी समिति भी सम्मिलित है, अथवा ऐसी सरकारी कम्पनी, जो कम्पनी अधिनियम 1956 की धारा 617 के अन्तर्गत अर्थ रखती हो, और सरकार द्वारा स्थापित कोई भी सांविधिक अथवा गैर सांविधिक समिति अथवा परिषद के सदस्य;
छ. इसमें वे सभी सम्मिलित हैं, जो भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 की धारा 2 (सी) में `लोकसेवक´ घोषित हैं.
ज. ऐसे अन्य प्राधिकारी, जो केन्द्र सरकार की अधिसूचना द्वारा, समय-समय पर उल्लिखित किए जाएं

(13) `सतर्कता दृष्टिकोण´ में सम्मिलित है-
क. भ्रष्टाचार की सभी गतिविधियां
ख. घोर लापरवाही अथवा जानबूझकर की गई लापरवाही, निर्णय लेने में कोताही, प्रणालियों और प्रकियाओं का घोर उल्लंघन, ऐसे मामलों में स्वविवेक अधिकार का अतिरेक जहां कोई प्रकट/सार्वजनिक हित स्पष्ट नहीं है, नियन्त्रणकर्ता अथवा वरिष्ठ अधिकारी को समय पर सूचित करने में चूक
ग. अपने अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा कर्तव्यों की उपेक्षा अथवा कार्यालय के दुरुपयोग की शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई में असफलता/विलम्ब, यदि कानून के अन्तर्गत किसी अधिकारी का ऐसा दायित्व बनता है तो,
घ. प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से किसी के आचरण के माध्यम से भेदभाव में संलिप्तता.
ङ. भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने वालों का उत्पीड़न
च. मामले के निस्तारण में किसी तरह का असंगत/अनुचित विलम्ब, सभी प्रासंगिक कारकों पर विचार करने के बाद, मामले में सतर्कता दृष्टिकोण की उपस्थिति निष्कर्ष को और सुदृढ़ता प्रदान करेगी.
छ. किसी से अनुचित पूछताछ या जांच, भ्रष्टाचार के दोषी को अनावश्यक मदद पहुंचाने अथवा निर्दोष को फंसाने के लिए.
ज. लोकपाल द्वारा समय-समय पर अधिसूचित कोई अन्य विषय सामग्री
(14) `भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने वाला´ व्यक्ति वह है, जो किसी खतरे का सामना करता है -
क. पेशेगत नुकसान, जिसमें गैरकानूनी स्थानान्तरण, प्रोन्नति से इंकार, उपयुक्त अनुलाभ से इंकार, विभागीय कार्यवाही, भेदभाव सम्मिलित है पर सीमित नहीं अथवा
ख. शारीरिक क्षति अथवा
ग. वास्तव में इस तरह की क्षति;
जो कि या तो इस अधिनियम के अन्तर्गत लोकपाल से शिकायत करने, अथवा सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत याचिका दाखिल करने के कारण से सम्बन्धित है अथवा भ्रष्टाचार अथवा कुशासन को उजागर करने अथवा रोकने के उद्देश्य से की गई कोई अन्य विधिक कार्रवाई.
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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

praveen [praveenkumarpnchal@gmail.com] jaipur,rajasthan - 2011-10-02 18:25:09

 
  Thanks to post this.i am with this lokepal.I will send copies to all of my friends and relatives.  
   
 

digamber [cgbilaspur@gmail.com] bilaspur - 2011-08-22 08:07:28

 
  लोकपाल कानून पूरा पढ़ गया. अच्छा लगा. कृपया दूसरों का भी पढ़ायेंगे.  
   
 

puran singh [puransinghc@gmail.com] bikaner - 2011-08-21 12:21:28

 
  after reading the jan lok pal bill i feel that govt. should do the best at the earlist to save the hard ship faced by sh. anna hazare and lacs and lacs others 
   
 

dr.rraj [radamksraj@gmail.com] london UK - 2011-08-21 10:31:22

 
  its really inspiring and full of information..... 
   
 

RAJENDRA MANAV [rajendramanav@yahoo.com ] JIND (HARYANA) - 2011-08-21 07:48:48

 
  आपने सराहनीय काम किया है. जनता को पता होना चाहिए कि आखिर मुद्दा क्या है. हम भी तलाश रहे थे. आपकी दी गयी जानकारियां बहुत उपयोगी हैं. आम आदमी को आसानी से समझ में आ सकती हैं. मैं इन्हें डाउनलोड करके संक्षिप्त रूप में छपवाकर लोगो मैं बांटने जा रहा हूं. धन्यवाद्.  
   
 

syed laraib [syrd.lrb@gmail.com] lucknow - 2011-08-20 20:20:06

 
  हम सब की जिम्मेवारी है कि पूरी शक्ति के साथ इस बिल को पास करायें. 
   
 

M M Sinha [sinha1606@gmail.com] Nepanagar - 2011-08-20 07:38:37

 
  This is very effective . Thanks for uploading . 
   
 

Khyali Ram Swami [kswami1978@yahoo.com] Jaipur, Rajasthan - 2011-08-20 07:14:00

 
  यह जन लोकपाल पढने के बाद मुझे लगता है कि अन्‍ना द्वारा किया गया 65 फीसदी भ्रष्‍टाचार समाप्‍त होगा, संभवत: 100 फीसदी तक सही साबित होगी। मैं इस जन लोकपाल का समर्थन करता हूं, परन्‍तु क्रियान्वित किये जाने पर ज्‍यादा जोर होना चाहिए, सिर्फ कानून पर नहीं। 
   
 

naval [] jaipur - 2011-08-20 05:33:36

 
  Many Thanks for providing this article. i request to all citizens that please support to this bill and anna. 
   
 

Israr Gunesh [gunesh@india.com] Raisen MP - 2011-08-19 10:55:40

 
  बहुत अच्छा प्रयास है आपका... *भारत में कहीं भी किसी भी दल की सत्ता हो सभी इस भ्रष्टाचार के दल-दल में पर्दे के पीछे नंगे हैं* यह इस समय का कड़वा सच है. मैंने तो यह भी देखा है कि वो लोग अगर आगे बढ़ कर अन्ना समर्थक का मुखौटा पहन रहे हैं और प्रदर्शनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं, जो स्थानीय समाज में महाभ्रष्ट के तौर पर जाने-पहचाने जाते हैं. इनके लिये भी हमें कुछ करना पड़ेगा. 
   
 

shashi [] raipur - 2011-08-19 10:41:31

 
  इस बिल के बारे में पूरी जानकारी देने के लिये बहुत धन्यवाद. 
   
 

Abhiranjan Jaiswal [abhiranjan_ors@yahoo.co.in] Vadodara - 2011-08-19 10:29:40

 
  This is toooooo good and i support this bill and pray to GOD please make my country corruption free. AND I also pray to GOD please give good sense to congs. and Kapil Sibbal.  
   
 

naval [navalkishorsoni@hotmail.com] jaipur - 2011-08-19 07:59:03

 
  जनलोकपाल बिल पास करने में हम अन्ना के साथ हैं. 
   
 

देवेन्द्र कुमार मिश्रा [] छतरपुर (म०प्र०) - 2011-08-18 11:10:26

 
  आप सभी महानुभावों से अनुरोध है कि इस विधेयक को पारित कराने में मान्‌नीय अन्ना हजारे का साथ दें जिससे आने वाली हमारी पीढ़ी ईमानदार व स्वच्छ प्रशासन पाकर हमें याद करें। मात्र १५ दिन के लिए हम सभी कमर कस लें। इन्हीं १५ दिनों में कान्तिकारी कदमों से नया युग का पदार्पण होगा। भारत में कहीं भी किसी भी दल की सत्ता हो, सभी इस भ्रष्टाचार के दल-दल में पर्दे के पीछे नंगे हैं। इस लिए केन्द्र सरकार को चाहिये कि वह इस विधेयक को इसी अवस्था में लागू कराये। 
   
 

देवेन्द्र कुमार मिश्रा [] छतरपुर (म०प्र०) - 2011-08-18 11:08:52

 
  आप सभी महानुभावों से अनुरोध है कि इस विधेयक को पारित कराने में मान्‌नीय अन्ना हजारे का साथ दें जिससे आने वाली हमारी पीढ़ि ईमानदार व स्वच्छ प्रशासन पाकर हमें यादकरें ।मात्र १५ दिन के लिए हम सभी कमर कश लें इन्हीं १५ दिनों में कान्तिकारी कदमों से नया युग का पदार्पण होगा । भारत में कहीं भी किसी भी दल की सत्ता हो सभी इस भ्रष्टाचार के दल-दल में पर्दे के पीछे नंगे हैं । इस लिए केन्द्र सरकार को चाहिये कि वह इस विधेयक को इसी अवस्था में लागू कराये । धन्यवाद 
   
 

Bhujit Doshi [] Raipur. - 2011-08-18 10:50:05

 
  Thanks for posting this. This will enable us to understand this draft. 
   
 

naresh tomar [tomarmedia75@gmail.cpm] dehradun - 2011-08-18 08:29:21

 
  this is good. i support you. 
   
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