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सोनिया गांधी का सरकार में दखल नहीं- विकिलिक्स

सोनिया गांधी का सरकार में दखल नहीं- विकिलिक्स

नई दिल्ली. 4 सितंबर 2011


भारत सरकार के कामकाज में सोनिया गांधी का कोई दखल नहीं है. अमरीकी राजनयिक रॉबर्ट ओ ब्लेक ने कांग्रेस के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी लिखी है, जिसे अब खोजी वेबसाइट विकिलिक्स ने उजागर किया है.

wikileaks


विकिलिक्स के ताज़ा दस्तावेजों के अनुसार अमरीकी राजनयिक ने 6 अप्रैल 2005 को लिखे संदेश में कहा था कि सोनिया ने जानबूझकर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने वाली नेता की छवि बनाई और कांग्रेसी सभ्यता का भरपूर फायदा उठाया. वह एक ऐसे कोर ग्रुप से घिरी हुई हैं, जो उन्हें सलाह देता है और उन्हें आलोचकों के हमले से बचाता भी है.

ब्लेक का दावा है कि गांधी परिवार इसका कभी खुलासा नहीं करता कि कोर ग्रुप में कौन से लोग हैं जो सोनिया को सलाह देते हैं. अमरीकी राजनयिक ने भाजपा के उन आरोपों का हवाला दिया है, जिसमें कहा जाता है कि सोनिया गांधी ‘शैडो प्राइम मिनिस्टर’ की तरह काम करती हैं. राजनयिक सूत्रों के हवाले से दावा है कि सोनिया गांधी और मनमोहन की भूमिकाएं तय हैं. ईमानदार छवि के पीएम सरकार की कमान संभाले हैं, वहीं सोनिया कांग्रेस पार्टी पर नजर रखने और गठबंधन सरकार को चलाने के लिए किससे क्या समझौता करना है, इस पर नजर रखती हैं.

अमरीकी राजनयिक के मुताबिक सोनिया गांधी के तीन मुख्य् सलाहकार हैं- अहमद पटेल, अंबिका सोनी और जयराम रमेश. ये कई वर्षों से गांधी परिवार से जुड़े हैं. पार्टी के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि अंबिका सोनी का कद बढ़ता जा रहा है और वह उन लोगों में शामिल हैं जिन पर सोनिया सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं. रमेश को विचारक और शब्दों का जादूगर माना जाता है, जो गांधी का भाषण तैयार करते हैं और उनके विचारों को आकार देने में मदद करते हैं. सूत्रों ने अहमद पटेल को कमतर आंका जो पहले अपने कौशल के लिए जाने जाते थे और सोनिया के हर फैसले के पीछे उनका ही हाथ माना जाता था.

ब्लेक ने गांधी परिवार के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने वाले सलाहकारों के अलावा कांग्रेस में कुछ ऐसे नेताओं का जिक्र किया है, जो सोनिया गांधी के कोर ग्रुप में कभी शामिल होते हैं तो कभी बाहर आ जाते हैं. इनमें पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह और कृषि मंत्री शरद पवार शामिल हैं. विकिलिक्स के गोपनीय संदेशों के मुताबिक ये बेहद महत्वाकांक्षी हैं और पीएम बनने का ख्वाब देखते हैं. ब्लेक के मुताबिक इस टीम में अर्जुन सिंह (जो अब इस दुनिया में नहीं रहे) भी शामिल थे.

विकिलिक्स के अनुसार कोर ग्रुप के अलावा सोनिया के आसपास एक और घेरा है, जिसमें वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी जैसे नेता शामिल हैं. इन नेताओं का गांधी परिवार से लंबा जुड़ाव रहा है और सोनिया गांधी से कभी भी सीधे मिलते हैं और विभिन्न मसलों पर कांग्रेस के फैसले को लेकर सुझाव देते हैं. अमरीका राजनयिक ने मुखर्जी ने इस ग्रुप में सबसे सीनियर नेता माना है और इनके बारे में भी कहा है कि वह एक दिन पीएम बनने का उम्मीद पाले बैठे हैं. कांग्रेस और सोनिया गांधी को लेकर अमरीका की यह राय भले ही छह साल पुरानी हो, पर इससे यह तो पता चलता ही है कि अमरीका कांग्रेस अध्यक्ष को किस रूप में देखता है.


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