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साहित्य का नोबल स्वीडन के कवि टोमास ट्रांसट्रोमर को

साहित्य का नोबल स्वीडन के कवि टोमास ट्रांसट्रोमर को

नई दिल्ली. 6 अक्टूबर 2011
 

स्वीडन के कवि टोमास ट्रांसट्रोमर को इस वर्ष साहित्य के नोबल पुरस्कार के लिए चुना गया है.
टोमास ट्रांसट्रोमर

15 अप्रैल 1931 को जन्मे ट्रांसटोमर मूलत कवि हैं और उनकी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा स्वीडन में ही हुई है. उन्होंने बाद में स्वीडन यूनिवर्सिटी से ही साइकोलॉजी में ग्रैजुएशन किया था. 13 साल की उम्र से ही कविताएं लिखने वाले टोमास का पहला संग्रह 1954 में प्रकाशित हुआ था.

स्वीडिश भाषा में लिखने वाले ट्रांसट्रोमर की कविताओं का अनुवाद 1997 में रॉबिन फुल्टन ने किया था.

1993 में ट्रांसट्रोमर की जीवनी भी स्वीडिश भाषा में प्रकाशित हो चुकी है.

सीरिया के 81 साल के कवि अडोनिस को इस बार नोबल का मुख्य दावेदार माना जा रहा था. उन्हें इस साल जर्मनी का प्रतिष्ठित गोएथे साहित्य पुरस्कार मिला था. उनके अलावा स्वीडन के टोमास ट्रांसट्रोमर और जापान के हारूकी मुराकामी के नाम भी नोबेल के उम्मीदवारों में आगे चल रहे थे. लेकिन अंततः टोमास का नाम ही नोबल विजेता के रुप में सामने आया.

नोबेल पुरस्कार के तहत एक करोड़ क्राउन (लगभग 14 लाख डॉलर) की राशि देने वाली नोबेल कमेटी ने अपने बयान में कहा है, "ट्रांसट्रोएमर को इसलिए चुना गया क्योंकि वह अपनी सघन और स्पष्ट छवियों के माध्यम से यथार्थ तक पहुंचने वाली नई राह दिखाते हैं."

कम से 50 भाषाओं में ट्रांसट्रोएमर की कविताओं का अनुवाद हुआ है. उनकी कविताएं उपमाओं और छवि खीचने के मामले में बहुत समृद्ध होती हैं. वह रोमर्रा की जिंदगी और प्रकृति की तस्वीरें उकेरती हैं.

कवि होने के साथ साथ ट्रांसट्रोएमर एक मनोविज्ञानी भी हैं और उन्होंने अपाहिज, मुजरिमों और नशे के आदी लोगों के साथ काम किया है. असल में उन्होंने अपनी बहुत सारी कविताएं इसी दौरान लिखीं. 10 कविता संग्रह प्रकाशित हो जाने के बाद ट्रांसट्रोएमर को 1990 में दिल का दौरा पड़ा जिसके चलते उनकी बात करने की क्षमता पर बुरा असर हुआ.


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