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भगत सिंह का नाम बदनाम न करें- चमनलाल

भगत सिंह का नाम बदनाम न करें- चमनलाल

नई दिल्ली. 13 अक्टूबर 2011


भगत सिंह के लिखे समस्त लेखों, पत्रों, भाषणों और उनसे जुड़े दस्तावेजों के संपादक प्रोफेसर चमनलाल ने भगत सिंह का नाम लेकर टीम अन्ना के सदस्य प्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर हमला करने वालों की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि ऐसे फासिस्ट लोगों को शहीद भगत सिंह का नाम लेने का हक नहीं है.

भगत सिंह


ज्ञात रहे कि बुधवार की शाम तीन लोगों ने प्रशांत भूषण के सुप्रीम कोर्ट स्थित कार्यालय में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी और उन्हें कुर्सी से गिरा दिया था. इस घटना के बाद दो युवक भाग गये, जबकि तीसरे युवक को पकड़ लिया गया था. युवक प्रशांत भूषण द्वारा कश्मीर में जनमत संग्रह कराए जाने संबंधी उनके बयान से नाराज बताये जा रहे थे.

टीम अन्ना के सदस्य और सुप्रसिद्ध अधिवक्ता प्रशांत भूषण के साथ मारपीट करने के मुख्य आरोपी तेजिंदरपाल सिंह बग्गा भगत सिंह क्रांति सेना का स्वयंभू अध्यक्ष है. उसने माना कि वह भाजपा के साथ भी जुड़ा रहा है. वह भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्यकारणी का सदस्य रहा है. हमले का दूसरा आरोपी इन्द्र वर्मा श्री राम सेना दिल्ली का अध्यक्ष है. इसे 6 अक्टूबर को ही पार्टी ने अध्यक्ष बनाया है.

भगत सिंह के समस्त दस्तावेजों के संपादक प्रोफेसर चमनलाल ने कहा है कि फासिस्ट ताकतों द्वारा भगत सिंह के नाम का इस्तेमाल किया जाना कड़ी भर्त्सना के लायक है. भगत सिंह ने हमेशा ऐसे फासिस्ट तत्वों का विरोध किया है.

चमनलाल ने कहा है कि भगत सिंह का नाम का दुरुपयोग करने वाले भारतीय धर्मनिरपेक्षता, समाजवादी, जनतांत्रिक मूल्यों और भगत सिंह के आंदोलन के भी दुश्मन हैं. ऐसे लोगों को अपने दुष्टतापूर्ण निर्णयों के लिये भगत सिंह के नाम का दुरुपयोग करने का कोई हक नहीं है.