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माओवादी वरवरा राव ममता बनर्जी पर बरसे

माओवादी वरवरा राव ममता बनर्जी पर बरसे

कोलकाता. 16 अक्टूबर 2011

माओवादी विचारक और कवि वरवरा राव ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार नक्सलियों से शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं है और उन्होंने मध्यस्थों का केवल इस्तेमाल किया है. वरवरा राव ने आरोप लगाया है कि सरकार एक तरफ तो शांति की बात कह रही है, दूसरी ओर संयुक्त पुलिस बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं. युद्ध और शांति वार्ता एक साथ नहीं चल सकते.

वरवरा राव


वरवरा राव जंगलमहल की यात्रा के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा नक्सलियों को 7 दिनों के भीतर बातचीत का फैसला करने संबंधी बयान का जवाब दे रहे थे.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को जंगलमहल में एक सभा को संबोधित करते हुये कहा था कि, "हमने शांति प्रक्रिया शुरू की है. पिछले चार महीनों से संयुक्त सुरक्षा बलों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. हमने सोचा था कि यह कदम कारगर होगा. लेकिन हमें हत्याएं देखने को मिल रही हैं. क्यों? हमारा कहना है कि हम शांति चाहते हैं. लोकतंत्र में बातचीत हमेशा जारी रह सकती है. हम बातचीत बंद करने के पक्ष में नहीं हैं. लेकिन आपको हथियार त्यागना होगा. लोगों को धमकियां देनी बंद करनी होगी. मैं आप सबको सात दिनों का समय देती हूं. इस पर विचार कीजिए. यदि आप समस्या का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो फिर कोई मुद्दा नहीं है. हम चाहते हैं कि बातचीत का दरवाजा खुला रहे. यह अंतिम मौका है. रक्तपात और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकते."

ममता बनर्जी की इस चेतावनी पर आश्चर्य जताते हुये माओवादी विचारक और कवि वरवरा राव ने कहा कि सरकार ने चुनाव में आदिवासियों के मुद्दे पर कई वायदे किये थे लेकिन उनमें से एक भी वादा सरकार ने पूरा नहीं किया. सरकार ने एक तरफ तो शांति वार्ता की पेशकश की, दूसरी ओर सुरक्षा बलों का संयुक्त ऑपरेशन और तेज कर दिया. ऐसे में किसी बेहतर परिणाम की उम्मीद नहीं की जानी चाहिये.

वरवरा राव का कहना था कि अगर सरकार वास्तव में नक्सलियों से शांति वार्ता करना चाहती है तो पहले उसे सुरक्षा बलों की कार्रवाई को रोकना होगा. इसके अलावा सरकार को आदिवासियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत गिरफ्तार किये और जेलों में बंद लोगों की रिहाई पर भी विचार करना होगा. ऐसा नहीं होने पर शांति वार्ता की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

amaresh pandey [aryaamresh06@yahoo.com] rrewa - 2011-10-16 03:42:44

 
  सरकार को माओवादियों को जड़ से खत्म कर देना चाहिये. ये हमारे देश के लिये जरुरी है. सभी राज्य सरकारों को मिल कर इस पर कार्य करना होगा. जय हिंद, जय भारत. 
   
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