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नरेंद्र मोदी अपराधी हैं, संजीव भट्ट का आरोप

नरेंद्र मोदी अपराधी हैं, संजीव भट्ट का आरोप

साबरमती. 17 अक्टूबर 2011


आईपीएस संजीव भट्ट ने ज़मानत पर रिहा होने के बाद कहा है कि नरेंद्र मोदी भले मुख्यमंत्री हों लेकिन गुजरात के 2002 के दंगों के मामले में वे एक अपराधी हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की ठीक तरीके से जांच होगी तो सारे अपराधी सामने आ जाएंगे.

संजीव भट्ट


ज़मानत पर रिहाई के बाद भट्ट ने कहा, ‘‘ मैं खुश हूं कि क़ानून का पालन हुआ है. यह उन लोगों की जीत है जो इस राज्य में सरकार समर्थित दंगों से प्रभावित हैं.जेल में बिताए दिन छुट्टी जैसे थे. मैं अब भी अपनी बात पर अडिग हूं. मैं जिस बात पर अड़ा हूं वो मेरे अस्तित्व से बढ़ कर है.’’

भट्ट ने अपने साथ हुए जेल में हुए कथित दुर्व्यवहार के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ मैं इस बारे में तब तक कुछ नहीं कहूंगा जब तक इस बारे में कहने के लिए सही समय और फोरम नहीं मिलता. जेल में समय बिताने के बाद मैं और मज़बूत हुआ हूं. अब लड़ाई अगले चरण में जाएगी.’’

संजीव भट्ट को 30 सितंबर को गुजरात की घाटलोडिया पुलिस ने गिरफ्तार किया था. पुलिस ने भट्ट को सरकारी कर्मचारी को धमकाने, गलत सुबूत पेश करने तथा अवैध रूप से उन्हें कैद में रखने के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया था. संजीव को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेजा था.

एक पुलिस कर्मी के.डी.पंत ने भट्ट पर आरोप लगाया था कि भट्ट ने उन्हें धमकी देते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मुख्यमंत्री निवास पर 27 फरवरी 2002 को बुलाई गई बैठक में उपस्थिति को लेकर जबरन शपथपत्र तैयार करवाया था. पंत ने यह शिकायत गत जून महीने में दर्ज कराई थी. पंज गुजरात दंगों के दौरान राज्य खुफिया विभाग में पुलिस उपायुक्त के तौर पर कार्यरत भट्ट के अधीनस्थ कर्मचारी थे.