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अन्ना और केजरीवाल की तानाशाही के कारण छोड़ी टीम- राजेंद्र सिंह

अन्ना और केजरीवाल की तानाशाही के कारण छोड़ी टीम- राजेंद्र सिंह

नई दिल्ली. 19 अक्टूबर 2011


टीम अन्ना की कोर कमेटी के सदस्य रहे समाजसेवी राजेंद्र सिंह ने कहा है कि अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल तानाशाह की तरह व्यवहार करते हैं, इसलिये मैंने टीम अन्ना को छोड़ने का निर्णय लिया है. बीबीसी से एक बातचीत में राजेंद्र सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे का आंदोलन गलत दिशा में जा रहा है.

अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल


ज्ञात रहे कि एक दिन पहले ही पी वी राजगोपाल और और 'जल पुरुष' राजेंद्र सिंह ने कोर कमिटी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि आंदोलन अपने मकसद से भटक गया है. हिसार में कांग्रेस विरोधी अभियान शुरू करने के फैसले का जिक्र करते हुए दोनों ने कहा कि यह फैसला कोर कमिटी की ओर से नहीं लिया गया. समिति से दोनों सदस्यों के इस्तीफा देने का यह एक प्रमुख कारण माना जा रहा है.

राजस्थान में पानी को लेकर बड़ा काम करने वाले राजेंद्र सिंह ने बीबीसी के साथ की गई बातचीत में कहा कि अन्ना और केजरीवाल तानाशाही कर रहे हैं और इसलिए मैंने ख़ुद को इस टीम से अलग किया है. इन दोनों को ये समझ आना चाहिए कि लाखों लोग अन्ना के लिए नहीं आए थे, केजरीवाल के लिए नहीं आए थे. वो देश में भ्रष्टाचार रोकने के लिए इकट्ठा हुए थे.

राजेंद्र सिंह ने कहा कि अन्ना हज़ारे के साथ केजरीवाल काम करता है. अन्ना को अगर ये लगता कि कोर टीम में कई लोग हैं तो उनको बराबर से सम्मान देकर पूछा जाता. ये काम अन्ना का था कि केजरीवाल को संभालता, केजरीवाल को रोकता. केजरीवाल कैसे तानाशाही कर सकता था. पूर्णरूप से अन्ना था ऊपर. दोष अन्ना का ही है. जो सबसे ऊपर होता है, उसका दोष ज़्यादा होता है.

पानी वाले बाबा के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह ने कहा कि तानाशाह कभी अच्छा व्यक्ति नहीं होता, चाहे वो जुनूनी हो या फिर कुछ और. अच्छा व्यक्ति वो होता है जो जिन मूल्यों की बात करता हो, उन्हें वो जीता हो. उन्होंने कहा कि क्या केजरीवाल हमसे बात करने नहीं आ सकता? अगर वो बिना पूछे फ़ैसले ले सकता है तो दिखाने के लिए हमें कोर टीम में क्यों रखा? मैं कोर टीम में हूँ लेकिन मुझे मालूम नहीं कि ये फ़ैसला कब किया गया था और क्यों किया गया था. हमारा एक छोटा सा समूह है. लोगों से फ़ोन पर बात की जा सकती थी. केजरीवाल भी बात कर सकते थे, अन्ना भी बात कर सकते थे.

राजेंद्र सिंह ने टीम अन्ना का उत्तर प्रदेश में आंदोलन चलाये जाने पर कहा कि क्या दूसरे राज्यों की सरकारों में भ्रष्टाचार नहीं है. जिस दिशा में ये आंदोलन जा रहा है वो ग़लत है. ये मेरी बातों में जो गुस्सा है, वो मेरा नहीं है. ये उन लोगों का गुस्सा है जिन्हें हमने इकट्ठा किया था. लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आप भी राजनीति में शामिल हो गए हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Teekama Ram [] Barmer - 2011-10-22 05:18:13

 
  bhai eyo h ki desh re khatir koi baat karela to logo no onjo lagelo la. Rajehndra singh to dofo aur gelo h hamaj h koni uve mo. 
   
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