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कयानी से नाराज अमरीका कर सकता है कार्रवाई

कयानी से नाराज अमरीका कर सकता है कार्रवाई

इस्लामाबाद. 20 अक्टूबर 2011

लिबिया के बाद बुधवार को बिना किसी सूचना के अचानक अफगानिस्तान पहुंची अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का दौरा पाकिस्तान के लिये चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है. पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी की अमरीका को दी गई चेतावनी के बाद माना जा रहा है कि अमरीका विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पाकिस्तान पर लगाम लगाने की कोशिश कर सकती हैं. पाकिस्तान में हक्कानी नेटवर्क पर लगाम कसने की मुहिम के दौरान पहले ही दोनों देशों में कड़ुवाहट घुली हुई थी. अब कयानी के बयान से यह कड़वाहट और अधिक बढ़ गई है.

हिलेरी क्लिंटन


ज्ञात रहे कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने रक्षा मामलों की संसदीय समिति के सामने अमेरिका को साफ लहजे में चेतावनी देते हुये कहा था कि पाकिस्तान में एकतरफा कार्रवाई करने से पहले अमरीका को 10 बार सोचना होगा. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और अमरीका इसका तुलना इराक या अफगानिस्तान से नहीं करे. कयानी ने कहा था कि पाकिस्तान को अमरीकी सैन्य मदद की जरूरत नहीं है.

इस बैठक में उपस्थित पाकिस्तान खुफिया के पूर्व मुखिया जावेद अशरफ काजी के अनुसार इस बैठक में कयानी ने कहा था कि हमने अमरीका से दो टूक कहा है कि उत्तरी वजीरिस्तान में पाकिस्तान वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए सैन्य कार्रवाई करेगा, न कि किसी दबाव में. कयानी ने इस धारणा को भी खारिज किया कि पाकिस्तान अफगानिस्तान पर नियंत्रण करना चाहता है. कयानी ने बैठक में कहा कि इतिहास में अब तक कोई ऐसा करने में कामयाब नहीं रहा. जब ब्रिटेन और सोवियत संघ इसमें विफल रहे तो पाकिस्तान से इसकी उम्मीद कैसे की जा सकती है?

इधर बुधवार को लिबिया से सीधे अफगानिस्तान पहुंची हिलेरी क्लिंटन की अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किसी नई रणनीति से इंकार नहीं किया जा सकता.

सप्ताह भर पहले भी भारत के साथ अपने रिश्तों की मजबूती की बात करते हुये हिलेरी क्लिंटन ने 21वीं सदी के अहम मुद्दों को हल करने के लिए भारत, चीन और अमरीका के बीच ‘मजबूत और सृजनात्मक’ संबंधों का प्रस्ताव दिया था. इससे पहले भी अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान को सावधान करते हुए कहा था कि पाकिस्तान आतंकी गुटों का इस्तेमाल कर रहा है और वह ऐसा करके 'एक गंभीर, दुखदाई और रणनीतिक गलती' कर रहा है. ऐसे में कयानी की बयानबाजी ने अमरीका को नाराज होने का एक और अवसर दे दिया है.


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