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किरण बेदी ने कहा- भ्रष्टाचार नहीं, बचत है ये

किरण बेदी ने कहा- भ्रष्टाचार नहीं, बचत है ये

नई दिल्ली. 20 अक्टूबर 2011

टीम अन्ना की सदस्य और भारत की पहली महिला आईपीएस रहीं किरण बेदी ने कहा है कि हवाई यात्राओं की टिकट से जो भी पैसे बचते हैं, वो उनकी समाजसेवी संस्था के खाते में जाता है, जिसका उपयोग गरीबों के लिये होता है. उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार का नहीं, बचत का मामला है.

किरण बेदी


ज्ञात रहे कि एक अंग्रेजी अखबार ने किरण बेदी पर आरोप लगाया था कि वह उन एनजीओ और संस्थाओं से ज्यादा बिल वसूल रही हैं, जो उन्हें सेमिनार या बैठकों में बुलाते रहे हैं. अख़बार का कहना है कि 2001 के सरकारी दिशानिर्देशों के मुताबिक सभी वीरता पुरस्काकर से सम्मानित लोग एयर इंडिया के इकॉनॉमी क्लास के किराए में 75 फ़ीसदी की छूट के हक़दार हैं. बेदी को 1979 में राष्ट्रपति का वीरता पुरस्कार मिला था. आरोप है कि बेदी ने इन सरकारी दिशानिर्देशों का फ़ायदा उठा कर सस्ते टिकट खरीदे, लेकिन आयोजकों से पूरा किराया वसूल किया.

अखबार के आरोप पर सफाई देते हुये किरण बेदी ने कहा कि यह बेहद दिलचस्प है कि इकॉनॉमी क्लास में यात्रा कर एक मक़सद के लिए पैसा बचाना अख़बार की सुर्खी बना है! उन्होंने कहा कि उनके आयोजकों ने कई बार सार्वजनिक तौर पर घोषणा भी की है कि हमने किरण बेदी को बिजनेस क्लास का किराया दिया था लेकिन इन्होंने पैसे की बचत करते हुये इकॉनामी क्लास में यात्रा की है. इस बात के लिये समय-समय पर उनकी प्रशंसा भी की गई है.

किरण बेदी ने कहा कि उन्होंने पैसा बचा कर अपनी संस्था के जरिए ज़रूरतमंदों के काम में लगाया है और ऑडिट में कहीं कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है. उन्होंने भविष्य में किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार होने की बात कही है.

उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि अपने बचत को लेकर उन्हें सफाई देनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि बिजनेस क्‍लास का किराया लेकर मैंने इकॉनामी क्‍लास में सफर किया तो मैंने अपना पैसा बचाया. इस बचाये पैसे को दूसरे जरूरी कामों में खर्च किया. यह पैसा चंदे के रूप में इस्‍तेमाल किया गया. यह तो मेरे लिए अच्‍छी बात होनी चाहिए. पर पता नहीं ऐसा क्‍यों कहा जा रहा है कि इसमें मैंने भ्रष्‍टाचार किया.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

santosh Pandey [] Delhi - 2011-10-21 10:55:42

 
  मैडम किरण बेदी बिल्कुल ठीक कह रही हैं. वो बच्चों के लिये काम करती हैं और हमारे जैसे लोग हमेशा उनके साथ हैं. 
   
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