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नोयडा में 64 फीसदी और मुआवजा का आदेश

नोयडा में 64 फीसदी और मुआवजा का आदेश

इलाहाबाद. 21 अक्टूबर 2011

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के 60 गांवों के किसानों को 64 फीसदी अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया है. साथ ही अदालत ने अब्दुलापुर और देवला गांव का भूमि अधिग्रहण को रद्द कर दिया है. अदालत ने किसानों को 10 फीसदी विकसित जमीन देने का भी आदेश दिया है. अदालत ने कहा है कि जिस तरीके से जमीनों का अधिग्रहण किया गया है, वह गलत है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट


नोएडा के 23 और ग्रेटर नोएडा के 40 गांव के किसानों की ओर से दाखिल इन याचिकाओं में किसानों ने करीब 5,000 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को चुनौती दी थी.

किसानों का कहना था कि अथॉरिटी ने अर्जेंसी क्लॉज लगाकर उनकी जमीन औने-पौने भाव में ले ली और बाद में बड़े-बड़े बिल्डरों को बेच दिया. हाईकोर्ट के तीन जज जस्टिस एसयू खान, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस वीके शुक्ल ने 30 सितंबर को मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

इससे पहले मई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से कहा था कि गौतमबुद्ध नगर के गुलिस्तांपुर गांव में किसानों से ली गई 170 एकड़ जमीन को किसानों को लौटा दी जाए. किसानों का आरोप था कि 2007-08 में सरकार ने अर्जेंसी क्लॉज के तहत जमीन का अधिग्रहण किया था. अर्जेंसी क्लॉज की वजह से उनकी आपत्तियां नहीं सुनी गईं. हाईकोर्ट ने पाया कि सरकार ने अर्जेंसी क्लॉज का दुरुपयोग किया.

12 मई को ग्रेटर नोएडा के साहबेरी गांव में 159 हेक्टेयर और फिर 15 मई को दादरी तहसील के सूरजपुर में 73 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण रद्द कर दिया था.


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