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मायावती सरकार करेगी अधिग्रहण की जांच

मायावती सरकार करेगी अधिग्रहण की जांच

इलाहाबाद. 21 अक्टूबर 2011

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद मायावती सरकार ने कहा है कि वह भूमि अधिग्रहण के पूरे मामले की जांच करेगी. सरकार का कहना है कि गड़बड़ी कहां हुई है, इसका पता लगाया जाएगा. वहीं इस फैसले के बाद से ग्रेटर नोएडा के इलाके में किसान दीवाली मना रहे हैं. कोर्ट का फैसला आते ही लगभग सभी गांवों में किसानों ने ढ़ोल-नगाड़ों के साथ फैसले का स्वागत किया. किसानों का कहना है कि उनके साथ आखिर न्याय हुआ. हालांकि कुछ गांवों में किसानों ने इस फैसले के खिलाफ मामले को उच्चतम न्यायालय में ले जाने की बात भी कही है.

मायावती


गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा के 58 गांवों के किसानों को 64 फीसदी अधिक मुआवजा देने का आदेश दिया है. साथ ही अदालत ने तीन गांवों में किये गये भूमि अधिग्रहण को रद्द कर दिया. अदालत ने किसानों को 10 फीसदी विकसित जमीन देने का भी आदेश दिया है.

नोएडा के 23 और ग्रेटर नोएडा के 40 गांव के किसानों की ओर से दाखिल याचिकाओं में किसानों ने करीब 5,000 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को चुनौती दी थी. किसानों का कहना था कि अथॉरिटी ने अर्जेंसी क्लॉज लगाकर उनकी जमीन औने-पौने भाव में ले ली और बाद में बड़े-बड़े बिल्डरों को बेच दिया.

इस फैसले के बाद मायावती सरकार ने जांच की बात कही है. भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में एक कमेटी बनाए और पूरे मामले की जांच करे कि आखिर इस तरह से भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई कैसे की गई. कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने कहा कि वह जल्दी ही मामले की जांच कराएगी.

इधर कुछ किसान संगठनों ने हाईकोर्ट के इस फैसले से असंतोष जताया है. किसान संघर्ष समिति के के नेता दुष्यंत नागर ने कहा है कि किसानों के लिये यह फैसला चौंकाने वाला है. उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से हम नाखुश हैं और मामले को उच्चतम न्यायालय में ले कर जाएंगे.


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