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नक्सली हमले में 6 जवान मारे गये

नक्सली हमले में 6 जवान मारे गये

रायपुर. 21 अक्टूबर 2011

नक्सल हमला


छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों के हमले में 6 जवान मारे गये. यह घटना शुक्रवार की दोपहर दरभा थाने के पास हुई, जिसमें गश्त से लौट रहे पुलिस के जवानों पर सैकड़ों की संख्या में नक्सलियों ने हमला बोला.

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही नक्सलियों ने दरभा थाना के नेतानार रेस्ट हाउस को जला दिया था और चौकीदार को बंधक बना लिया था. यह तय था कि मामले की जानकारी मिलते ही दरभा थाने की टीम वहां पहुंचेगी, उसे के मद्देनज़र नक्सलियों ने हमले की योजना बनाई.

पुलिस सूत्रों के अनुसार बस्तर के नेतानार से एक किलोमीटर दूर जब पुलिस की टीम 8 बाईक में सवार हो कर दरभा रेस्ट हाउस से लौट रही थी, उसी समय नक्सलियों ने बारुदी सुरंग लगा कर हमला बोल दिया. बाईकों पर 16 जवान सवार थे. बाद में नक्सलियों ने गोलीबारी भी की, जिसमें 6 जवान मारे गये. मारे जाने वालों में दरभा थाना प्रभारी महेंद्र ध्रुव भी शामिल हैं. इसके अलावा इस घटना में पांच जवान गंभीर रुप से घायल हो गये हैं, जिन्हें जगदलपुर के महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इसी महीने राज्य के गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने दंतेवाड़ा जिले के गीदम में नक्सली विस्फोट में पांच जवानों की मौत के बाद कहा था कि जब नेशनल हाईवे में नक्सली विस्फोट कर रहे हैं तो राज्य में कोई भी सुरक्षित नहीं है. उन्होंने कहा था कि- “समझ में नहीं आता कि आम आदमी कहां चले? जमीन पर तो माओवादियों ने बारूदी सुरंगें बिछा रखी हैं. अब आम आदमी आसमान पर तो नहीं चल सकता? उन्होंने कहा कि अब तक राष्ट्रीय राजमार्गो को सुरक्षित माना जाता था, लेकिन आज की घटना ने साबित कर दिया है कि अब प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग भी सुरक्षित नहीं हैं.”

ताज़ा घटना पर सरकार की आलोचना करते हुये राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि सरकार के पास न तो नक्सलियों से निपटने की कोई नीति है और न ही कोई योजना. राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह इसके लिये व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेवार हैं. अजीत जोगी ने कहा कि ऐसी घटना के बाद रमन सिंह केवल बनी-बनायी विज्ञप्तियां जारी करते हैं और हर बार जवानों को शहीद होने के लिये छोड़ देते हैं.


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