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अंतिम वीडियो में देखें, ऐसे मारा गया गद्दाफी को

अंतिम वीडियो में देखें, ऐसे मारा गया गद्दाफी को

मिसराता, लिबिया. 21 अक्टूबर 2011


लीबिया के अपदस्थ नेता कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसको लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है. लिबिया की अंतरिम सरकार का दावा है कि गद्दाफी विद्रोहियों के साथ गोलीबारी में मारे गये, जबकि अब तक जितने टेप आये हैं, उससे साबित होता है कि गद्दाफी को ज़िंदा पकड़ा गया और फिर उन्हें मार डाला गया.


संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकारों के लिए उच्चायुक्त नवी पिल्लै ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी की मौत पर एक संपूर्ण जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा- " गद्दाफ़ी की मौत जिन परिस्थितियों में हुईं, वे स्पष्ट नहीं हैं. उनकी मौत कैसे हुई, इस विषय पर चार या पांच मत हैं. कल जो कुछ हमने देखा उस बारे में एक प्रकार जांच होनी चाहिए. दो वीडियो सामने आए हैं और उन दोनों को अगर मिलाकर देखा जाए तो बेहद विचलित करने वाली तस्वीर सामने आती है."

सारी परिस्थितियों को देखा जाये तो पता चलता है कि सिर्त में रह रहे कर्नल गद्दाफी अपने विश्वश्त सैनिकों के साथ गुरुवार की सुबह सिर्त से बाहर जा रहे थे. कोई साढ़े आठ बजे के आस पास फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों ने गद्दाफ़ी के काफ़िले पर बमबारी की, जिसमें गद्दाफी का पूरा सैन्य अमला लगभग नष्ट हो गया. लगभग डेढ़ दर्जन हथियारबंद गाड़ियां खत्म हो गईं.

इसके बाद कर्नल गद्दाफ़ी और उनके बेटे अपने कुछ समर्थकों के साथ पास के ही दो सीवर पाइपलाइनों में छुप गए. फ्रांसीसी विमानों ने फिर हमला बोला लेकिन जब उन्हें कामयाबी नहीं मिली तो उन्होंने पैदल सैनिकों को वहां रवाना किया.

इसके बाद विद्रोहियों के साथ नाटो सैनिक सीवर पाइपलाइनों के पास पहुंचे, जहां से उन्होंने बिना किसी प्रतिरोध के गद्दाफी को पकड़ लिया.

अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री महमूद जिब्रील ने कहा- "फोरेन्सिक जाँच से पता चला है कि गद्दाफ़ी की मौत गोली लगने से हुई है. हमारे सैनिक उन्हें पकड़कर अपने साथ ले गए और इसका गद्दाफ़ी ने कोई विरोध नहीं किया था. जब घायल गद्दाफ़ी और सैनिकों की गाड़ी आगे बढ़ रही थी तब, गद्दाफ़ी समर्थकों और विद्रोहियों के बीच गोलीबारी में गद्दाफ़ी के सिर में गोली लग गई."

हालांकि घटना स्थल से उस समय के जो वीडियो मिले हैं, उससे पता चलता है कि कर्नल गद्दाफी को दोपहर साढ़े बारह बजे के आसपास सैनिकों ने पकड़ा और उन्हें एक गाड़ी के पास टिका कर उनके सर में गोली मार दी. इस दौरान नाटो के सैनिक और विद्रोही लगातार नारेबाजी कर रहे थे.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Manoj Agrawal [Manoj1960.agrawal@gmail.com] Mungeli, Chhattisgarh - 2011-10-22 07:04:47

 
  गद्दाफी ने हजारों को मारा, एक ने गद्दाफी को मारा... बहुत अच्छा, बहुत अच्छा... 
   
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