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मोदी के गुजरात में सर्वाधिक कुपोषण

मोदी के गुजरात में सर्वाधिक कुपोषण

नई दिल्ली. 22 अक्टूबर 2011

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भले स्वर्णिम गुजरात का नारा बुलंद करते रहे हों लेकिन योजना आयोग की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि पूरे देश में गुजरात में लोग सबसे अधिक कुपोषण के शिकार हैं. दलित और आदिवासी महिलाओं का तो राज्य में और बुरा हाल है. यही हाल छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों का है, जहां मानव विकास की हालत खस्ता है. पूरे देश में केरल की हालत सबसे बेहतर है.

नरेंद्र मोदी


योजना आयोग से संबद्ध इंस्टीट्यूट ऑफ़ अप्लाइड मैनपावर रिसर्च द्वारा जारी ताजा मानव विकास रिपोर्ट में कहा गया है कि गुजरात में औद्योगिक विकास सबसे तेजी से हुआ है लेकिन उसका लाभ समाज के अंतिम आदमी तक नहीं पहुंचा है.

गौरतलब है कि वर्ष 2011-12 में गुजरात सरकार की प्रस्तावित मूल 37,152.68 करोड़ की वार्षिक योजना का कद बढ़ाते हुए योजना आयोग ने 38,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया है. इस प्रकार गत वर्ष राज्य की 30 हजार करोड़ की वार्षिक योजना के मुकाबले इस वर्ष 26.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.

जून में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह आहलूवालिया के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था कि गुजरात 11वीं पंचवर्षीय योजना के लिए योजना आयोग द्वारा निर्धारित 11.2 प्रतिशत की विकास दर के लक्ष्य को पूर्ण करेगा. उन्होंने कहा कि गुजरात की इस वर्ष की वार्षिक योजना के कद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, इसलिए राज्य सरकार इस वर्ष कई नई योजनाओं को लागू करेगी. लेकिन योजना आयोग के मानव विकास रिपोर्ट ने यह जाहिर कर दिया है कि गुजरात के विकास का लाभ केवल उद्योगों को ही हो रहा है. गुजरात में पांच साल की उमर के 69.7 फीसदी बच्चे रक्त अल्पता के शिकार हैं और 44.6 फीसदी बच्चे कुपोषण को झेल रहे हैं.

जीडीपी में लगातार बढ़ोत्तरी का दावा करने वाले छत्तीसगढ़ राज्य का भी बुरा हाल है. सर्वाधिक शराब खपत के लिये कुख्यात हो गये इस राज्य में चाउर वाले बाबा रमन सिंह अधिकांश मोर्चे पर असफल साबित हो रहे हैं. भारत के मानव विकास सूचकांक में पिछले आठ सालों में 21 फीसदी की बढ़त हुयी है लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य मानव विकास के राष्ट्रीय औसत से भी नीचे है. यही हाल ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे पड़ोसी राज्यों का है.

इस रिपोर्ट में 1999-2000 से 2007-2008 की तुलना की गई है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ सबसे खराब प्रदर्शन करनेवाले वाले राज्यों में नंबर वन है. इसके बाद ओड़िशा, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड का नंबर आता है. सबसे बेहतर प्रदर्शन करनेवाले वाले राज्यों में केरल पहले नंबर पर है. केरल के बाद दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, गोवा और पंजाब को मानव विकास की दृष्टि से बेहतर राज्य माना गया है.


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