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गद्दाफी का शव देख कर बीमार पड़ी बेटी

गद्दाफी का शव देख कर बीमार पड़ी बेटी

अल्जीयर्स. 22 अक्टूबर 2011


लीबिया के अपदस्थ नेता कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की एकमात्र बेटी आयशा गद्दाफी अपने पिता की मौत की खबर सुनने के बाद बीमार हो गई हैं. पिता के पकड़े जाने की खबर सुन कर आयशा ने जब अपने पिता कर्नल गद्दाफी को सेल फोन पर रिंग किया तो दूसरी ओर से किसी विद्रोही ने फोन उठाया और आयशा को उसके पिता की मौत की खबर दी. 34 साल की आयशा को गुरुवार को ही अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद से उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

आयशा गद्दाफी


उत्तरी अफ्रीका की क्लाउडिया शिफर के नाम से पुकारी जाने वाली आयशा अपने दो भाईयों और परिजनों के साथ 30 अगस्त को अल्जीरिया आ गई थीं. उसके बाद से ही वे अल्जीरिया में हैं. मुअम्मर गद्दाफी के 7 बेटे और एक बेटी के अलावा एक दत्तक पुत्र थे, जिनमें दो बेटे और एकमात्र बेटी आयशा अल्जीरिया में हैं.

खबरों के अनुसार जब कर्नल मुअम्मर गद्दाफी के पकड़े जाने की खबर टीवी चैनलों पर आई तो आयशा गद्दाफी ने अपने पिता कर्नल गद्दाफी के सेल फोन पर बात करने की कोशिश की. लेकिन दूसरी तरफ से किसी विद्रोही सैनिक ने फोन उठाया और कर्नल गद्दाफी के मारे जाने की बात कही.

इससे पहले आयशा समय-समय पर लिबिया की स्थितियों को लेकर मीडिया के संपर्क में थीं और उनके ही सहारे कर्नल गद्दाफी की खबरें बाहर आ रही थीं.

गौरतलब है कि तीन दिन पहले लिबिया के सिर्त में रह रहे कर्नल गद्दाफी अपने विश्वश्त सैनिकों के साथ गुरुवार की सुबह सिर्त से बाहर जा रहे थे. कोई साढ़े आठ बजे के आस पास फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों ने गद्दाफ़ी के काफ़िले पर बमबारी की, जिसमें गद्दाफी का पूरा सैन्य अमला लगभग नष्ट हो गया. लगभग डेढ़ दर्जन हथियारबंद गाड़ियां खत्म हो गईं.

इसके बाद कर्नल गद्दाफ़ी और उनके बेटे अपने कुछ समर्थकों के साथ पास के ही दो सीवर पाइपलाइनों में छुप गए. फ्रांसीसी विमानों ने फिर हमला बोला लेकिन जब उन्हें कामयाबी नहीं मिली तो उन्होंने पैदल सैनिकों को वहां रवाना किया. इसके बाद विद्रोहियों के साथ नाटो सैनिक सीवर पाइपलाइनों के पास पहुंचे, जहां से उन्होंने बिना किसी प्रतिरोध के गद्दाफी को पकड़ लिया और बाद में उन्हें गोली मार दी गई.


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