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राइट टू रिकॉल अव्यवहारिक- आडवानी

राइट टू रिकॉल अव्यवहारिक- आडवानी

रायपुर. 23 अक्टूबर 2011 छत्तीसगढ़ संवाददाता


भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी ने टीम अन्ना के राइट टू रिकॉल की मांग को खारिज करते हुए इसे अव्यवहारिक बताया है. उन्होंने राइट टू रिजेक्ट पर कहा कि यह उसी दशा में स्वीकार किया जा सकता है, जब मतदान की अनिवार्यता हो. आडवानी ने उनकी कर्नाटक यात्रा रद्द किये जाने की खबर का भी खंडन किया.

लालकृष्ण आडवानी


पूर्व उपप्रधानमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत टीम अन्ना की मतदाताओं को निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने और उन्हें खारिज करने की मुहिम पर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पिछले दिनों इस मुद्दे पर अपनी राय दी है, उससे वे पूरी तरह से सहमत हैं. भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश में रिकॉल व्यावहारिक नहीं होगा. आडवानी ने यह भी कहा कि राइट टू रिजेक्ट को उसी दशा में स्वीकार जा सकता है, जब मतदान अनिवार्य हो.

नक्सलवाद का जिक्र करते हुए आडवानी ने कहा राज्य में सरकार नक्सलियों से संघर्ष कर रही है, जबकि केन्द्र की नीति नक्सलवादियों के प्रति ढुलमुल और अनिश्चित रही है. केन्द्र सरकार नक्सलवाद को पहचानने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र पिछड़ापन और असमानता को कारण मानती रही है, जबकि नक्सलवाद लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि नक्सलवादियों के प्रति अनिश्चितता की नीति सबसे घातक हो सकती है. इसकी शुरूआत बंगाल में हुई थी. लेकिन वहां दृढ़ नीति के कारण ही समाप्त हो पाया. पूर्व उपप्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद को लेकर रमन सरकार की नीति सही है. जहां-जहां भाजपा का शासन है वहां यही नीति रहेगी.

आडवानी ने तेलंगाना का जिक्र करते हुए कहा कि केन्द्र के रवैय्ये के कारण वहां स्थिति गंभीर हुई है. 35 दिनों से गतिविधियां ठप पड़ी हैं. इतनी बड़ी संख्या में आत्महत्या पहले किसी भी विषय को लेकर नहीं हुई. उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में तेलंगाना को लेकर विधेयक लाया जाना चाहिए. इसके समर्थन का भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि विधेयक पारित करने में दिक्कत नहीं होगी.

2जी स्पेक्ट्रम मामले का जिक्र करते हुए श्री आडवानी ने कहा कि तत्कालीन वित्तमंत्री चिदबंरम और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. जनचेतना यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह उनकी छठी यात्रा है और इस यात्रा को उम्मीद से ज्यादा समर्थन मिला है. आम नागरिक भ्रष्टाचार और कालेधन को लेकर गंभीर है. सरकार को भी इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. यात्रा के समापन के बाद शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कर्नाटक यात्रा स्थगित किए जाने का खंडन किया है. आडवानी ने कहा कि वे कर्नाटक जरूर जाएंगे और बंगलोर में उनकी यात्रा होगी.

प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर पूर्व उपप्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एनडीए की सरकार बनेगी. लोग ऐसी आशा कर रहे हैं. यह खुशी की बात है. लेकिन प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई समस्या नहीं होगी पहले भी नहीं हुई थी.


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