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अग्निवेश से नाराज हैं उनके कस्बे के लोग

अग्निवेश से नाराज हैं उनके कस्बे के लोग

रायपुर. 24 अक्टूबर 2011

अन्ना हजारे के आंदोलन को सवालों के कटघरे में खड़ा करने वाले स्वामी अग्निवेश की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ के सक्ति कस्बे के लोग उनके इस रुख से चकित हैं. हालांकि बड़ी संख्या में लोग यह मानते हैं कि विस्फोटकों का व्यापार करने वाले परिवार के स्वामी अग्निवेश का पहले भी ऐसा ही रुख रहा है.

अग्निवेश


ज्ञात रहे कि स्वामी अग्निवेश 21 सितंबर 1939 को छत्तीसगढ़ के सक्ति में पैदा हुये हैं, जहां उनका परिवार विस्फोटकों के कारोबार से जुड़ा हुआ था. बाद में कोलकाता में कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करते-करते वे आर्य समाज से जुड़ गये और सन्यास ग्रहण कर लिया.

सक्ति के अजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि स्वामी अग्निवेश नाहक ही अन्ना हजारे के आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं. उनके इस कदम से केवल ऐसे लोगों को ही लाभ होगा, जो भ्रष्टाचार में जुटे हुये हैं. वहीं शिक्षाकर्मी संतोष देवांगन का मानना है कि स्वामी अग्निवेश पहले भी ऐसा करते रहे हैं. उनको एक बार फिर से सन्यास ग्रहण करके ईश्वर की अराधना में लगने पर विचार करना चाहिये.

जिला मुख्यालय जांजगीर के केशव कुमार पाटनवार को पहली बार अन्ना हजारे के आंदोलन के समय ही पता चला कि स्वामी अग्निवेश उनके ही जिले में पैदा हुये हैं. वे कहते हैं- जिस आंदोलन ने स्वामी अग्निवेश को एक बार फिर से पहचान दी, उसके ही खिलाफ गोलमोल आरोप लगा कर स्वामी अग्निवेश छत्तीसगढ़िया लोगों को बदनाम कर रहे हैं.

नैला के छात्र अविनाश सिंह का कहना है कि स्वामी अग्निवेश अगर सच्चे समाजसेवी हैं तो उन्हें अपनी मातृभूमि में आना चाहिये और देखना चाहिये कि एक ही जिले में कैसे 50-50 पावर प्लांट लग रहे हैं और जनता कैसे मौत के इलाके में धकेली जा रही है. स्वामी अग्निवेश को अन्ना हजारे के खिलाफ अपनी ऊर्जा लगाने के बजाये, छत्तीसगढ़ की सेवा में जुट जाना चाहिये.