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फतवे के बाद जज ने पाकिस्तान छोड़ा

फतवे के बाद जज ने पाकिस्तान छोड़ा

लाहौर. 26 अक्टूबर 2011

ईश निंदा का आरोप लगाकर पाकिस्तान के गवर्नर सलमान तासिर की हत्या करने वाले मुमताज कादरी को मौत की सजा सुनाना पाकिस्तान के एक वरिष्ठ जज परवेज अली शाह को महंगा पड़ा है. इस फैसले के बाद से उन्हें इतनी धमकियां मिल रही हैं कि अंततः वे पाकिस्तान छोड़ कर चले गये हैं. कुछ कट्टरपंथियों द्वारा जज परवेज अली शाह के खिलाफ फतवा भी जारी किया गया है. कहा जा रहा है कि परवेज अली शाह दिसंबर तक देश से बाहर रहेंगे.

मुमताज कादरी


गौरतलब है कि जनवरी में गवर्नर सलमान तासिर को उनके ही सुरक्षाकर्मी मुमताज कादरी ने गोली मार दी थी और बाद में आत्मसमर्पण करते हुये कहा था कि उसने ईश निंदा के आरोप में सलमान तासिर को मार डाला. इसके बाद आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले जज परवेज़ अली शाह ने सलमान तासिर के हत्यारे को मौत की सजा सुनाई थी.

उनके इस फैसले का कट्टरपंथियों ने देश भर में विरोध किया और आने वाली खबरों पर यकीन किया जाये तो उसके बाद से ही जज परवेज अली शाह को धमकियां दी जाने लगी थी. लोगों ने जगह-जगह उनका विरोध करना शुरु किया था. यहां तक कि रावलपिंडी बार एसोसिएशन के सदस्यों ने तो हत्यारे मुमताज कादरी पर अदालत में फूलों की वर्षा की थी और जज परवेज अली शाह के खिलाफ प्रदर्शन किया था.

इसके बाद से ही जज परवेज अली शाह का परिवार परेशान था. कादरी कांड में विशेष वकील रहे रहे सैफूल मलूक के अनुसार इन धमकियों ने उन्हें परिवार समेत सऊदी अरब में जाने के लिये बाध्य होना पड़ा. हालांकि इससे पहले भी लगभग तीन दर्जन संगठनों ने परवेज अली शाह को उनके पद से हटाने के लिये सरकार पर दबाव बनाया था.


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