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महिला उत्पीड़न में केरल आगे

महिला उत्पीड़न में केरल आगे

कोच्चि. 27 अक्टूबर 2011


मानव विकास में सबसे आगे रहने वाले केरल में महिलायें असुरक्षित हैं. राज्य के समाज कल्याण मंत्री एम के मुनीर ने माना कि केरल आज की तारीख में भले साक्षरता की दृष्टि से देश में सबसे आगे हो लेकिन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मामले में भी केरल आगे हो गया है.

महिला उत्पीड़न


मुनीर का बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में योजना आयोग से संबद्ध इंस्टीट्यूट ऑफ़ अप्लाइड मैनपावर रिसर्च द्वारा जारी ताजा मानव विकास रिपोर्ट में केरल को देश में सबसे आगे बताया गया है.

मुनीर ने एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य में महिलायें असुरक्षित हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. उन्होंने समाज के सभी वर्ग से अनुरोध किया कि वे इस बुराई से लड़ने के लिये आगे आयें.

गौरतलब है कि देश में पिछले तीन वर्षो में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले बढ़े हैं. अकेले राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष 2008, 2009 और 2010 में महिलाओं के प्रति अपराध के क्रमशः 13,190, 15,566 और 15,700 मामले दर्ज किये गए हैं. यह महिलाओं के खिलाफ अपराध में वृद्धि के चलन को दर्शाता है.

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का भी मानना है कि दुनिया की 45 पार्लियामेंट की अध्यक्षता महिलाएं कर रही हैं और दो-तिहाई से अधिक देशों ने घरेलू हिंसा के खिलाफ कानून बनाए हैं, इसके बावजूद 76 प्रतिशत महिलाएं शारीरिक या यौन हिंसा की शिकार होती हैं.


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