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भूकंप के 100 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला युवक

भूकंप के 100 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकला युवक

इर्किस, तुर्की. 28 अक्टूबर 2011


तुर्की में आये भयंकर विनाशकारी भूकंप के मलबे में 100 घंटे से भी अधिक समय तक दबे रहने के बाद एक युवक इमदात को जिंदा बचा लिया गया है. भूकंप के मलबे में 100 घंटे से भी अधिक समय तक दबे रहने के बाद भी जिंदा रहने वाले 18 साल के इमदात पदक भी भौंचक हैं कि आखिर वे जिंदा कैसे बच गये. वे कहते हैं- यह अल्लाह का चमत्कार है.

भूंकप-इमदात


तुर्की में रविवार को रिक्टर पैमाने पर 7.2 की तीव्रता से आये भूकंप में अब तक 534 लोगों के शव बरामद किये जा चुके हैं और मलबों के बीच से शवों का मिलना लगातार जारी है. लेकिन गुरुवार को जैसे चमत्कार हो गया. अजरबजान का एक बचाव दल जिस मलबे को पिछले दो दिन से खोद रहा था, उसी मलबे में इमदात दबा हुआ था. उसके परिजनों को भी, उसके जिंदा होने की कोई उम्मीद नहीं थी. लेकिन दो दिनों की मेहनत के बाद जब मलबा हटा तो लगभग अर्ध बेहोशी की हालत में इमदात जिंदा मिल गया.

इमदात को जिंदा पाकर लोग भौंचक थे. उसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत अब पहले से बेहतर है.

गौरतलब है कि रविवार को तुर्की में रविवार को आये भूकंप में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका है और पिछले 4 दिनों से बचाव और राहत का काम चल रहा है. अमरीकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार इस भूकंप का केंद्र ज़मीन से 20 किलोमीटर नीचे वान शहर से 16 किलोमीटर पूर्वोत्तर में था. इस भूकंप के बाद 5.6 और 6.0 की तीव्रता के दो और भूकंप रविवार को आए थे, जिसके कारण प्रभावितों की संख्या और बढ़ गयी थी.

इससे वान शहर खास तौर पर प्रभावित हुआ. ज्ञात रहे कि वान की आबादी तीन लाख 80 हजार है. राजधानी अंकारा से लगभग 12,00 किलोमीटर दूर इस शहर में ज्यादातर कुर्द रहते हैं. 1999 में वहां के इजमित शहर में 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप आया था जिसमें लगभग 17 हजार लोगों की जान गई थी. वान में ही 1976 में एक भूकंप आया था, जिसमें लगभग चार हजार लोग मारे गए थे.


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