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बलात्कार, छेड़छाड़ में मध्यप्रदेश सबसे आगे

बलात्कार, छेड़छाड़ में मध्यप्रदेश सबसे आगे

भोपाल. 29 अक्टूबर 2011

मध्यप्रदेश पूरे देश में आपराधिक घटनाओं के मामले में सबसे आगे है. महिलाओं के साथ बलात्कार या छेड़छाड़ का मामला हो या अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अत्याचार का, मध्यप्रदेश पूरे देश में इन मामलों में सबसे आगे हो गया है.

बलात्कार


पिछले साल राज्य में 214269 संज्ञेय मामले दर्ज किये गये, जो देश में सबसे अधिक है. मध्यप्रदेश में हर दिन लगभग नौ महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, जो देश में सबसे अधिक है. इसके अलावा बच्चों के साथ होने वाले अत्याचार के मामले में भी मध्यप्रदेश पूरे देश में अव्वल है. यह सब कुछ तब हो रहा है, जब राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बेटियों और बच्चों को बचाने के लिये लगातार अभियान चला रहे हैं.

नेशनल क्राईम रिसर्च ब्यूरो के 2010 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में पिछले साल 214269 आईपीसी के तहत संज्ञेय मामले दर्ज किये गये, जो देश के कुल संज्ञेय अपराधों का 9.6 प्रतिशत है. इसके अलावा पिछले साल मध्यप्रदेश में 3,135 महिलायें बलात्कार की शिकार हुई, जो देश में सबसे अधिक है.

पूरे देश में 2010 में बलात्कार के 21,566 मामले सामने आए हैं. 2009 में मध्यप्रदेश में बलात्कार का यह आंकड़ा 2998 था. यही हाल पिछले 3 सालों से है और बलात्कार के मामले में मध्यप्रदेश देश में सबसे ऊपर है.

छेड़छाड़ के मामले में भी मध्यप्रदेश देश में सबसे आगे है और महिलायें पूरे देश में मध्यप्रदेश में सबसे अधिक असुरक्षित हैं. राज्य में छेड़छाड़ की 6646 घटनाएं घटित हुई हैं, जो पूरे देश का 16.4 फीसदी है.

अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार के मामलों में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है. देश में अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार के कुल 5885 मामलों में से 1384 मामले मध्यप्रदेश के हैं, जो देश में 23.5 फीसदी है.