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जरदारी को उल्टा टांगने पर गरमाया पाकिस्तान

जरदारी को उल्टा टांगने पर गरमाया पाकिस्तान

लाहौर. 30 अक्टूबर 2011

पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पीएमएल-एन की लाहौर की रैली में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ पार्टी नेताओं की बयानबाजी ने देश की राजनीति को गरमा दिया है. पीएमएल-एन के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ दिये गये बयान के बाद माना जा रहा है कि सरकार भी चुप नहीं रहने वाली है. यही कारण है कि रविवार को एमक्यूएम ने जरदारी के पक्ष में रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने इस रैली को समर्थन देने की घोषणा की.

आसिफ अली जरदारी


गौरतलब है कि लाहौर के भट्टी चौक में हुई रैली में पंजाब के मुख्यमंत्री रहे पीएमएल-एन के नेता शाहबाज शरीफ़ ने कहा था कि राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी अगर इस्तीफ़ा नहीं देंगे तो उन्हें और उनके सहयोगियों को चौक पर उल्टा टांग दिया जाएगा. उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति को देश से कोई लगाव नहीं है, वह सिर्फ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं.

शाहबाज का कहना था कि पाकिस्तान के 18 करोड़ लोग जरदारी के खिलाफ़ खड़े हैं. जरदारी खुद अपनी कुर्सी खाली करें और हमारा धन हमें वापस करें. शाहबाज ने जरदारी को ‘अलीबाबा’ और उनके सहयोगियों को ‘चालीस चोर’ की संज्ञा दी थी.

शाहबाज की रैली में जिस तरह जनसैलाब उमड़ा, उसके बाद आनन-फानन में जरदारी समर्थकों ने बैठक बुलाई और रविवार को शाहबाज शरीफ के खिलाफ और जरदारी के पक्ष में रैली का निर्णय लिया गया. एमक्यूएम के मुखिया अल्ताफ हुसैन के निर्देश पर जरदारी के पक्ष में आयोजित इस रैली को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने भी समर्थन देने की घोषणा कर दी.

इधर पीएमएल-एन और शाहबाज शरीफ की रैली को लेकर पाकिस्तान की सूचना एवं प्रसारण मंत्री डाक्टर फिरदौस आशिक अवान ने कहा है कि शाहबाज एक सुलझे हुये नेता माने जाते हैं लेकिन उन्होंने अपनी रैली में राष्ट्रपति जरदारी के लिये जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह आपत्तिजनक है. यह संसद की गरिमा का भी अपमान है. सूचना मंत्री ने आरोप लगाया कि शाहबाज शरीफ और नवाज शरीफ ने भारी मात्रा में घोटाला किया है और इसकी जांच किये जाने की जरुरत है.


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