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मायावती मनरेगा की सीबीआई जांच करायें- श्रीप्रकाश

मायावती मनरेगा की सीबीआई जांच करायें- श्रीप्रकाश

रामपुर. 31 अक्टूबर 2011

जयराम रमेश और अभिषेक मनु सिंघवी के बाद कांग्रेस नेता और केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर हमला बोलते हुये कहा है कि राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश में हुये मनरेगा घोटाले की सीबीआई जांच करवानी चाहिये.

मायावती

 
रामपुर जिले में आयोजित किसान महापंचायत में श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मनरेगा में देश का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है और राज्य की मुख्यमंत्री इसमें लिप्त हैं. जायसवाल ने कहा कि सरकार अगर साफ है तो वह इस मामले की सीबीआई जांच से क्यों डर रही है. श्री प्रकाश जायसवाल ने लालकृष्ण आडवानी पर निशाना साधते हुये कहा कि उनकी जनचेतना यात्रा फर्जी है और वे कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की ग्रामीण इलाकों में की जा रही यात्राओं की नकल कर रहे हैं.

ज्ञात रहे कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को एक पत्र लिख कर राज्य में मनरेगा में वृहद घोटालों को रोकने की मांग की थी. जिसके जवाब में मायावती ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर जयराम रमेश के पत्र को राजनीति से प्रेरित बताया था.

बाद में रमेश ने मायावती के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उच्चर प्रदेश में धन के गबन की घटनाएं सामने आई हैं और अधिकारियों के खिलाफ काफी साक्ष्य हैं. उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रीय स्तर के मॉनीटरों यानी एनएलएम और प्रदेश गुणवत्ता मॉनीटर यानी एसक्यूएम की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्होंने मायावती को मनरेगा में भ्रष्टाचार रोकने के लिये पत्र लिखा था.

इस विवाद के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मायावती के आरोपों पर कहा था कि मायावती केवल शोर मचा रही हैं और तथ्यों को झुठलाने का काम कर रही हैं. सिंघवी ने जयराम रमेश की बातों को दुहराते हुये कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में मनरेगा के कोष से तीस लाख रूपये के खिलौने खरीदे गये, यह प्रदेश की जनता के साथ खिलवाड़ है. राज्य के बलरामपुर में 80 लाख रूपये का टेंट खरीदा गया, जो सरासर नियम विरुद्ध है. सिंघवी ने आरोप लगाया था कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही हतोत्साहित है और वरिष्ठता और ईमानदारी वहां अयोग्यता बन गयी है. राज्य में केवल पक्षपात को बढावा दिया जाता है. सरकार घोटालों की जांच कराने के बजाये बहानेबाजी कर रही है.


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