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अब संजय निरुपम की औकात बताएंगे शिवसेना विधायक

अब संजय निरुपम की औकात बताएंगे शिवसेना विधायक

मुंबई. 31 अक्टूबर 2011.


शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और कांग्रेसी सांसद संजय निरूपम के बीच चल रहे विवाद में शिवसेना के विधायक विनोद घोसालकर ने कहा है कि अब वे विधानसभा से इस्तीफा देकर संजय निरुपम को सबक सिखाएंगे. विनोद घोसालकर ने कहा है कि वे विधायक होने के नाते ऐसा नहीं कर सकते लेकिन विधानसभा से इस्तीफा देकर वे निरुपम की औकात याद दिलाएंगे. घोसालकर ने ही कुछ दिन पूर्व कांदिवली स्थित संजय निरूपम के दफ्तर पर पत्थरबाजी की जिम्मेवारी ली थी.

विनोद घोसालकर


ज्ञात रहे कि कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने नागपुर में कहा था कि यूपी-बिहार के लोगों के बिना मुंबई नहीं चल सकती और अगर ये लोग चाहें तो एक मिनट में पूरा शहर रुकवा सकते हैं. उन्होंने कहा था कि मुंबई पर उत्तर-प्रदेश और बिहार के लोग बोझ नहीं हैं, वे तो मुंबई का पूरा बोझा उठाने वाले लोग हैं.

उनके इस वक्तव्य के बाद शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने अगर संजय निरुपम में हिम्मत है तो वो मुंबई बंद कराके दिखाएं. संजय के जितने दांत बाहर हैं वो सब उसके मुंह में चले जाएंगे. कांग्रेस भ्रष्टाचार में लिप्त है इसलिए ये फालतू बकबक की जा रही है. संजय निरुपम भी कहां चुप बैठने वाले थे. उन्होंने ठाकरे को चुनौती दी कि ठाकरे परिवार का कोई भी सदस्य अपनी सुरक्षा व्यवस्था हटा कर घुमे तो जनता उन्हें सबक सीखा देगी.

बाद में शिव सेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने सामना में एक लेख लिख कर पूरी कांग्रेस के ही वध करने का आह्वान कर दिया. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने कहा कि कांग्रेस की असहनीय सरकार के वाबजूद भी आम आदमी जी रहा है. ठाकरे ने अपने समर्थकों से आह्वान करते हुए कहा कि इस बार कांग्रेसी नरकासुर का वध करके ही दीवाली मनाएं.

अब इस बयानबाजी के बाद उद्धव ठाकरे के खासमखास विधायक विनोद घोसालकर ने एक बयान में कहा है कि वे एक विधायक हैं, इसलिये उनकी एक सीमा और गरिमा है. संविधान की शपथ के कारण वे कोई भी ऐसा काम नहीं कर सकते, जो शपथ का उल्लघंन करे. इस कारण वे विधानसभा से इस्तीफा देकर संजय निरुपम को मजा चखाएंगे.

विनोद घोसालकर ने कहा कि मैं 5 नवंबर को विधानसभा से इस्तीफा दूंगा और संजय निरूपम को उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे के खिलाफ बयान देने पर सबक सिखा कर उनको उनकी औकात याद दिलाउंगा. घोसालकर ने हालांकि इस्तीफा अपनी पार्टी के अध्यक्ष को ही सौंपने की बात कही है.