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मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी खत्म

मणिपुर में आर्थिक नाकेबंदी खत्म

इंफाल. 1 नवंबर 2011

मणिपुर में पिछले 92 दिनों से चली आ रही आर्थिक नाकेबंदी खत्म हो गई है. राज्य सरकार द्वारा मणिपुर सदर हिल्स सब डिविजन को अलग जिला बनाने के लिखित आश्वासन के बाद कूकी संगठनों ने नाकेबंदी खत्म करने की घोषणा की है. हालांकि नगा संगठनों ने इस समझौते से नाराजगी जताई है और अब उन्होंने आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी दी है.

मणिपुर


92 दिनों की नाकेबंदी के कारण राज्य में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था और राज्य में घरेलू चीजों की कमी हो गई थी. गैस सिलेंडर डेढ़ हजार रुपये में बिक रहे थे और पेट्रोल दो सौ रुपए प्रति लीटर में बिक रहा था.

गौरतलब है कि कूकी संगठन नगा बहुल सेनापति जिले को विभाजित कर सदर हिल्स जिला के गठन की मांग कर रहे थे. सदर हिल्स क्षेत्र एक कूकी बहुल सबडिविजन है. इस मांग के लिए कूकियों ने सदर हिल्स जिला मांग समिति का गठन कर लिया और सारे आंदोलन इसी बैनर तले हो रहे थे. नगा संगठन इस मांग का विरोध कर रहे थे. जब मणिपुर सरकार ने नए जिले के गठन में दिलचस्पी लेना आरंभ कर दिया तो नाराज नगा संगठन नगा नेशनल काउंसिल ने कूकी बहुल इलाके में जाने वाले रास्ते पर भी आर्थिक नाकेबंदी लागू कर दी. उधर घाटी के लोगों ने भी इंफाल से कूकी बहुल इलाके में खाने के सामान लेकर जा रहे ट्रकों को रोकना शुरु कर दिया.

मणिपुर के पहाड़ी इलाके पर नगा अपना कब्जा मांगते हैं. मणिपुर के उन जिलों को ग्रेटर नगालैंड में शामिल करने की नगा बागी संगठन की पुरानी मांग है. उनके इलाके में कूकी बहुल जिले के गठन से उनका ग्रेटर नगालैंड का दावा कमजोर हो जाएगा, क्योंकि कूकी नगाओं के साथ जाने की जगह मैतेई लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं.

92 दिनों की हड़ताल के बाद अंततः राज्य सरकार ने कूकी संगठनों से समझौता किया और सदर हिल्स सब डिविजन को जल्दी ही जिला बनाये जाने की घोषणा की है. हालांकि राज्य सरकार और कूकी संगठनों के इस समझौते के बाद नगा समुदाय ने नाराजगी जताई है और कहा है कि राज्य सरकार ने अगर कूकी संगठनों के साथ किये समझौते को लागू करने की कोशिश की तो अब नगा संगठन आर्थिक नाकेबंदी लागू करेंगे.


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