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राहुल गांधी बनेंगे कार्यकारी अध्यक्ष

राहुल गांधी बनेंगे कार्यकारी अध्यक्ष

नई दिल्ली. 1 नवंबर 2011

अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले दिनों में राहुल गांधी की ताजपोशी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर हो सकती है. लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों को झेल रही कांग्रेस चाहती है कि अन्ना हजारे और श्री श्री रविशंकर के आंदोलन शुरु हों, उससे पहले राहुल को कार्यकारी अध्यक्ष की कमान दे कर जवाबी कार्रवाई के लिये मैदान में उतार दिया जाये.

राहुल गांधी


पिछले कुछ सालों से राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष और प्रधानमंत्री बनाने की मांग होती रही है. लेकिन प्रधानमंत्री पद को लेकर सोनिया गांधी और स्वयं राहुल गांधी इंकार करते रहे हैं. माना जाता है कि अमरीका जैसे देशों की पहली पसंद भी मनमोहन सिंह हैं और कम से कम कांग्रेस पार्टी मनमोहन सिंह को हटा कर कोई खतरा मोल नहीं ले सकती. ऐसे में कार्यकारी अध्यक्ष का पद राहुल गांधी को सौंपकर पार्टी कम से कम युवाओं में बेहतर संदेश दे सकती है.

राजनीतिक गलियारों में दखल रखने वालों का मानना है कि अन्ना हजारे के आंदोलन में जिस तरह युवाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, उसमें पार्टी के लिये जरुरी है कि कोई युवा चेहरा सामने रखे. मनमोहन सिंह, प्रणव मुखर्जी, मोतीलाल वोरा, दिग्विजय सिंह, गुलाम नबी आजाद, जनार्दन द्विवेदी, जगदीश टाइटलर जैसे लोगों की टीम के भरोसे कम से कम युवाओं को आकर्षित कर पाना मुश्किल है. ऐसे में पार्टी के दिग्गज मानते हैं कि साफ-सुथरी छवि वाले राहुल को युथ आईकॉन बना कर जनता के सामने पेश किया जा सकता है. पिछले कुछ समय से खास तौर पर उत्तर प्रदेश में उनकी सक्रियता से भी देश में अच्छा संदेश गया है.

सोनिया गांधी के इलाज के लिये विदेश यात्रा के समय भी राहुल गांधी को तीन और नेताओं समेत पार्टी की कमान सौंपी गई थी. उस दौरान भी यह अनुमान लगाया जा रहा था कि विदेश यात्रा से लौटने के बाद राहुल गांधी को पार्टी की कमान घोषित रुप से सौंप दी जाएगी. अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नवंबर महीने में किसी भी दिन राहुल गांधी की ताजपोशी हो सकती है.


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