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महंगाई कम करने की फिर नई तारीख

महंगाई कम करने की फिर नई तारीख

नई दिल्ली. 3 नवंबर 2011

अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह की सरकार ने एक बार फिर महंगाई कम करने की नई तारीख तय करते हुये दावा किया है कि मार्च 2012 तक महंगाई कम हो जाएगी. पिछले 2 सालों में ये पांचवा अवसर है, जब सरकार ने अपने पास जादू की छड़ी नहीं होने का हवाला देते हुये महंगाई कम करने की एक तारीख मुकर्रर की है. पिछले महीने ही वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने दिसंबर 2011 तक महंगाई कम करने का वादा किया था.

मनमोहन सिंह


गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुये वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि आज की तारीख में महंगाई दर 12.21 तक पहुच गई है. महंगाई दर में पिछले एक सप्ताह में ही बड़ा इजाफा हुआ है. इस कारण महंगाई कम होने की स्थितियां मार्च 2012 के बाद ही बन सकती हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई दर बढ़ने के पीछे एक बड़ा कारण इस हफ्ते के त्यौहार हैं.

सप्ताह भर पहले मनमोहन सिंह सरकार ने गुरुवार को ही मुद्रास्फीति के जो आंकड़े जारी किये थे, उसके अनुसार 15 अक्टूबर 2011 को समाप्त हुये सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर 11.43 प्रतिशत हो गई थी. इससे पूर्व के सप्ताह में यह 10.60 थी. अब जा कर सरकार का यह आंकड़ा 12.21 प्रतिशत पहुंच गई है.

अर्थव्यवस्था पर नजर रखने वाले इस बात से चकित हैं कि दुनिया भर में अपने श्रेष्ठ अर्थशास्त्री होने का ढिंढ़ोरा पीटने वाले मनमोहन सिंह अपनी ही सरकार की अर्थव्यवस्था की थाह नहीं ले पा रहे हैं और हर बार महंगाई कम करने की एक नई तारीख जनता के सामने पेश कर दे रहे हैं. मनमोहन सिंह की सरकार ने सप्ताह भर पहले दावा किया था कि दिसंबर तक महंगाई दर 7 प्रतिशत के आसपास के आंकड़ों तक आ जाएगी.लेकिन अब यह तारीख फिर से बढ़ादी गई है. वैसे सरकारी दावे का एक सच ये भी है कि पिछले 10 सालों में महंगाई की दर कभी भी दहाई से कम नहीं हुई है. इससे पहले भी मनमोहन सिंह ने महंगाई दर के 5.5 प्रतिशत तक पहुंचने की घोषणा की थी.

मनमोहन सरकार की नई तारीख पर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा है कि यह सरकार अपनी खराबी नीतियों के कारण हरेक मोर्चे पर असफल साबित हुई है. इसलिये ऐसी परिस्थितियां बनी हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के भ्रष्टाचार पर काबू नहीं पाया जा सका है, इस कारण भी आम जनता महंगाई से त्रस्त है.


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