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भूपेन दा की यादें शेष हैं बहन के पास

भूपेन दा की यादें शेष हैं बहन के पास

गुवाहाटी. 7 नवंबर 2011

भूपेन हजारिका नहीं रहे, यह खबर सुदक्षिणा शर्मा के लिये दुनिया की सबसे शोक में डालने वाली खबर है. अपने सबसे बड़े भाई के नहीं रहने की खबर ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया है. कल तक दुनिया भर से आने वाली अपने भाई की कामयाबी की खबर पर सुदक्षिणा खुश होती थीं, अब वह सब उनकी स्मृति का हिस्सा हो गया है.

भूपेन हजारिका


ज्ञात रहे कि शनिवार को लोकप्रिय संगीतकार, गायक और संस्कृतिकर्मी भूपेन हज़ारिका का 86 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया.

अपने बड़े भाई भूपेन हजारिका को याद करती हुई सुदक्षिणा बताती हैं कि दादा जितने अच्छे गायक या संगीतकार थे, उतने ही बड़े मनुष्य भी थे. उनमें संगीत को लेकर जो अभिरुचि पैदा हुई, वह संभवतः मेरी मां शांतिप्रिया के कारण था, जो खुद भी अच्छी संगीतकार थीं. इसके अलावा पिता जी भी किर्तन में दिलचस्पी रखते थे.

सुदक्षिणा को याद है कि जब भूपेन हजारिका छठी कक्षा के विद्यार्थी थे, उस समय तेजपुर के सुप्रसिद्ध कलाकार ज्योतिप्रसाद अग्रवाल, फणि शर्मा और विष्णु राभा घर आये और पिताजी की अनुमति से भूपेन दा को कोलकाता ले कर गये थे, जहां उन्होंने जयमति और शोणित कुंवरी फिल्म की नायिका के लिये गाने रिकार्ड कराये थे. उसी समय भूपेन हजारिका के दो रिकार्ड एचएमवी ने निकाले.

भूपेन हजारिका की प्रतिभा को याद करती हुई वो बताती हैं कि गांधी जी की हत्या के बाद भूपेन हजारिका को एक ही रात में गीत लिखने के लिये कहा गया. अगली शाम को भूपेन दा उस गीत की रिकार्डिंग कलकत्ता रेडियो स्टेशन में कर रहे थे. लेकिन अब सुदक्षिणा के पास केवल यादें हैं.

मंगलवार को भूपेन हजारिका का अंतिम संस्कार किया जायेगा. उनका शव निजारापारा स्थित उनके पैतृक आवास में लाने के बाद प्रशंसकों और शुभचिंतकों के अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को जजेज फील्ड ले जाया जाएगा. उनका अंतिम संस्कार गुवाहाटी के कचाल में सम्पन्न होगा, जहां भूपेन हजारिका ट्रस्ट का एक भूखंड है.


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