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श्री श्री रविशंकर की यूपी यात्रा शुरु

श्री श्री रविशंकर की यूपी यात्रा शुरु

लखनऊ. 7 नवंबर 2011

कांग्रेस पार्टी की आलोचनाओं के बीच आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर की उत्तर प्रदेश यात्रा सोमवार से शुरु हो गई है. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी श्री श्री रविशंकर की इस यात्रा से परेशान है. श्री श्री रविशंकर 7 से 10 नवंबर तक उत्तर प्रदेश की यात्रा करेंगे. हालांकि उन्होंने साफ किया है कि उनका दौरा नियमित सत्संग का हिस्सा है और इसका कोई गुप्त अभिप्राय या राजनीतिक एजेंडा नहीं है. इस दौरान वे राज्य के जौनपुर, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, अमेठी, सोनभद्र, चंदौली और कानपुर में सत्संग करेंगे.

श्री श्री रविशंकर


श्री श्री की इस यात्रा को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया था कि अन्ना हजारे और रामदेव के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन आरएसएस और बीजेपी के प्लान का हिस्सा थे. इनका मकसद था संघ के आतंकवाद से संबंधों की तरफ से आम लोगों का ध्यान हटाना. दिग्विजय ने कहा था कि रामदेव और हजारे संघ-बीजेपी के प्लान ए और प्लान बी थे. रविशंकर प्लान सी हैं.

रविशंकर की उत्तर प्रदेश यात्रा की घोषणा के बाद कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि लोकतंत्र में सभी को यात्राएं करने और अभियान चलाने का अधिकार है और किसी को भी लोकतंत्र में राजनीति से भयभीत नहीं होना चाहिए. लेकिन यदि इसके पीछे मकसद सत्ता और राजनीति हैं तो इसके महत्वाकांक्षियों के लिए बेहतर होगा कि वे इसमें सीधे तौर पर आएं और चुनाव के जरिए सत्ता हासिल करें, छद्मावरण से नहीं.

बाद में भी कांग्रेस के हमले जारी रहे. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने फिर बयान जारी किया कि सेवा का काम अपने घर से शुरु होता है. श्री श्री रविशंकर कर्नाटक से क्यों नहीं अपना अभियान शुरु करते. आरएसएस का नाम लिये बिना उन्होंने रविशंकर के साथ के संबंधों पर कटाक्ष किया था कि प्रेम अंधा होता है. दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मैं उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर श्री श्री रविशंकर के बयानों और उसके बाद मायावती जी की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा हूं.

दिग्गी राजा के इस बयान पर आम तौर प्रतिक्रया देने से बचने वाले श्री श्री रविशंकर ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश से पहले कर्नाटक, गोवा और गुजरात का भी दौरा किया है. मुझे अचरज होता है कि कैसे लोगों को इतनी भी जानकारी नहीं होती.


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