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हत्यारे सांसद को माफी पर नेपाल में हंगामा

हत्यारे सांसद को माफी पर नेपाल में हंगामा

काठमांडू. 9 नवंबर 2011

माओवादी नेता और नेपाल के सभासद बालकृष्ण ढुंगेल को बाबूराम भट्टाराई की सरकार द्वारा माफी दिये जाने के फैसले का नेपाल में भारी विरोध हो रहा है. राजनीतिक संगठनों और आम जनता का कहना है कि अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद भी एक हत्यारे को माओवादी सरकारी द्वारा माफी दिया जाना मानवाधिकार का हनन है. मृतक के परिजनों ने कहा है कि अगर उन्हें देश में इंसाफ नहीं मिला तो वे अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की शरण में जाएंगे.

बालकृष्ण ढुंगेल


गौरतलब है कि माओवादी आंदोलन के नेता रहे बालकृष्ण ढुंगेल ने 1998 में उज्जैन कुमार श्रेष्ठा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद स्थानीय न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. लेकिन माओवादियों के हाथ में सत्ता होने के कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया.

बाद में बालकृष्ण ढुंगेल नेपाल की संसद में सदस्य बन गये. उनकी गिरफ्तारी के लिये मृतक की पत्नी सावित्री श्रेष्ठा ने नेपाल की उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की. जिसके बाद अदालत ने कहा कि हत्यारे की गिरफ्तारी के लिये अलग से आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है. जब बालकृष्ण ढुंगेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है औऱ उनकी संपत्ति जप्त करने के आदेश दिये जा चुके हैं तो सरकार को कार्रवाई करने में देर नहीं करनी चाहिये.

अब नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई के मंत्रिमंडल ने बालकृष्ण ढुंगेल को माफी देने का फैसला पारित किया है. इस फैसले के खिलाफ देश भर में आक्रोश का माहौल है. माओवादी पीड़ित संघर्ष समिति, द्वंद्व पीड़ित टुहरा समाज समेत कई संगठनों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ काठमांडू सिंहद्वार के पास प्रदर्शन किया. एमाले के सचिव इश्वर पोखरेल ने सरकार के इस फैसले को गलत बताया है.

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला ने कहा है कि सरकार के इस तरह के फैसले से आम जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद सरकार द्वारा इसे वापस लिया जाना सरासर गलत है.

सरकार के इस फैसले की कांग्रेस संसदीय दल के नेता रामचंद्र पौडेल ने कड़ी आलोचना करते हुये कहा है कि बालकृष्ण ढुंगेल को आजीवन कारावास के बजाये आममाफी दिए जाने से प्रधानमंत्री का वास्तविक चेहरा सामने आ गया है. उन्होंने कहा कि एक तरफ तो बाबूराम मुस्तांग गाड़ी पर चढ रहे हैं, दूसरी ओर एक हत्यारे को माफी दे रहे हैं, यह उनके अंतरद्वंद को जाहिर करता है.


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