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पेट्रोल फिर महंगा होगा

पेट्रोल फिर महंगा होगा

नई दिल्ली. 10 नवंबर 2011

पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोत्तरी हो सकती है. इसके अलावा डीजल का भी दाम बढ़ाया जा सकता है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने कहा है कि उसे अभी भी पेट्रोल में घाटा हो रहा है और सरकार अगर उसके घाटे की भारपाई नहीं करती तो उसे मजबूरी में पेट्रोल की कीमतें बढ़ानी ही पड़ेंगी. अगर ऐसा हुआ तो केरोसिन, रसोई गैस और डीजल बेचने की कीमतें भी बढ़ेंगी. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने की बात तब कही है, जब एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने मनमोहन सिंह से मिल कर कहा था कि अगर फिर पेट्रो पदार्थों की कीमतें बढ़ीं तो वो सरकार से समर्थन वापस ले लेगी.

पेट्रोल


गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने न केवल पिछले सप्ताह हुई पेट्रोल कीमत वृद्धि को वापस लेने से इन्कार किया है बल्कि ऐसी गारंटी देने से भी इन्कार किया है कि भविष्य में बढ़ोतरी नहीं होगी. ऐसे में पेट्रोल की कीमतें बढ़ना तय है.

भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आर एस बुटोला ने अपने तिमाही नुकसान का ऐलान करते हुये कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को इस दौर में 7485 करोड़ का घाटा हुया है. जबकि पिछले साल लगभग इसी दौर में कंपनी को 5293 करोड़ का लाभ हुआ था. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन पर पिछले कुछ समय में ही 73000 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है और हालत ये है कि कॉर्पोरेशन को कर्जा लेकर कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है. बुटोला का दावा है कि आमदनी में 11,757 करोड़ रुपये के घाटे में सरकार कोई अनुदान नहीं दे रही है, इसलिये कॉरपोरेशन को पेट्रोल की कीमत बढ़ानी ही होगी.

बुटोला का कहना था कि सरकार ने केवल पेट्रोल की कीमत तय करने का अधिकार कंपनियों को दिया है, जबकि डीजल, रसोई गैस और केरोसिन के दाम पर अपना नियंत्रण रखा है. अगर ऐसा ही करना था तो उसे हमारे घाटे के बारे में भी विचार करना चाहिये.

बुटोला का बयान ऐसे दौर में आया है, जब पेट्रोल कीमतों में हाल की बढ़ोतरी पर कड़ा रुख अपनाने वाली तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को बढ़े हुए दामों को मान लिया था, लेकिन संप्रग सरकार को आगाह किया था कि यदि पेट्रो कीमतों में फिर कोई इजाफा किया गया तो पार्टी सरकार से बाहर आ जाएगी. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद कहा था कि अगर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में फिर से इजाफा हुआ तो वे सरकार से समर्थन वापस ले लेंगी.


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