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मायावती ने मांगा सवर्णों के लिये आरक्षण

मायावती ने मांगा सवर्णों के लिये आरक्षण

लखनऊ. 13 नवंबर 2011

मायावती


उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर से सवर्ण कार्ड खेलते हुये कहा है कि देश में सवर्णों को भी आरक्षण दिया जाना चाहिये. उन्होंने दावा कि बहुजन समाज पार्टी देश की अकेली ऐसी पार्टी है, जिसने पिछड़ों के साथ-साथ सवर्णों को बराबरी से हरेक क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराया है.

गौरतलब है कि 2007 के चुनाव में बसपा ने 88 ब्राह्मणों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया था, जिसमें 42 लोग जीते कर सामने आये थे. राज्य की कम से कम 61 सीटें ऐसी हैं, जहां ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं. बसपा लगातार कोशिश करती रही है कि ब्राह्मण मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके. रविवार को आयोजित इस सम्मेलन को विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर ही देखा जा रहा है.

लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण भाईचारा सम्मेलन को संबोधित करते हुये बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि आर्थिक तौर पर जो भी सवर्ण पीछे हैं, उन्हें भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिये. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव पास आते देख विरोधी दल ब्राह्मणों को बीएसपी से दूर करने के लिए भ्रामक प्रचार को तेज कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों को ऐसी अफवाहों से दूर रहने की जरुरत है.

मायावती ने विरोधी पार्टियों पर हमला करते हुये कहा कि विरोधी पार्टियों खासकर कांग्रेस और बीजेपी ने अंदर से रणनीति बनायी है कि यदि विधान सभा के आम चुनाव में इन दोनों पार्टियों को सरकार बनाने का मौक़ा मिलता है तो कांग्रेस दिग्विजय सिंह को और बीजेपी को मौक़ा मिलता है तो फिर राजनाथ सिंह को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो राज्य में एक बार फिर सामंतों की सरकार बन जाएगी और आम जनता का फिर से शोषण शुरु हो जाएगा.