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भंवरी कांड में भाजपा ने मांगा गहलोत से इस्तीफा

भंवरी कांड में भाजपा ने मांगा गहलोत से इस्तीफा

नई दिल्ली. 13 नवंबर 2011

भंवरी के भंवर में फंसे मदेरणा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने के बाद भी लगता नहीं है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की परेशानियां कम हो रही है. पूर्व मंत्री महीपाल मदरेणा और मलखान सिंह के अब पारस देवी का मामला सामने आ गया है. आरोप है कि डेढ़ महीने पहले 34 साल की पारस देवी की संदिग्ध मौत के मामले में गहलोत मंत्रीमंडल के वन और खनिज मंत्री रामलाल जाट शामिल हैं. रामलाल जाटव ने तो सरकार को इस्तीफा भी भेज दिया है लेकिन राज्य में विरोधी पार्टी भाजपा अब गहलौत के इस्तीफे की मांग कर रही है.

भंवरी देवी


गौरतलब है कि भाजपा ने भंवरी देवी कांड में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भूमिका की सीबीआई से जांच की मांग की है. भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने पहले ही कहा है कि भंवरी देवी कांड में राज्य के कई मंत्री और अफसर लिप्त हैं. अब जबकि इस मामले में लिप्त लोगों ने राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिया है, ऐसे में उनकी भूमिका की सीबीआई से जांच करायी जाये.

अब भाजपा के प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि केन्द्र सरकार भ्रष्टाचार के मामलों की लीपापोती कर उन्हें दबाने में लगी है, वहीं राजस्थान की कांग्रेस सरकार भी आपराधिक मामलों को छिपा रही है जिससे राज्य में अपराध बेधड़क बढ़ रहे हैं.

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि गोपालगढ़ फायरिंग मामले में अब तक किसी के भी खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है. भंवरी देवी मामले में भी पूरी जानकारी होने के बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई. अगर मुख्यमंत्री चाहते तो कुछ घटनाओं को रोका जा सकता था. उन्होंने कहा कि राजस्थान में कानून का राज नहीं है और इस तरह की स्थिति में गहलोत को एक पल भी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे रहने का हक नहीं है.


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