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भंवरी कांड में कोर्ट ने सीबीआई को फटकारा

भंवरी कांड में कोर्ट ने सीबीआई को फटकारा

जोधपुर. 14 नवंबर 2011

भंवरी देवी


राजस्थान की बहुचर्चित भंवरी देवी कांड में जोधपुर की अदालत ने सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने कहा कि सीबीआई 4 हफ्ते का फिर समय मांग रही है. अदालत ने इस बात पर नाराजगी जताते हुये कहा कि क्या सीबीआई आरुषी हत्याकांड की तरह इस मामले की भी अनिश्चितकाल तक जांच करना चाहती है.

सोमवार को जोधपुर की अदालत में जब भंवरी देवी कांड पर सीबीआई ने अदालत से और समय मांगा तो अदालत ने तल्ख टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि आम जनता सीबीआई पर बहुत भरोसा करती है. ऐसे में लगातार समय मांगते जाने से आम जनता में बेहतर संदेश नहीं जाता. अदालत ने सीबीआई को 24 नवंबर तक का समय देते हुये कहा कि हमें इस मामले में प्रगति नहीं, रिजल्ट चाहिये.

उल्लेखनीय है कि जोधपुर की नर्स और लोक कलाकार भंवरी देवी एक सितंबर से ही लापता हैं. भंवरी देवी ने अपनी कार जल संसाधन विभाग के एक ठेकेदार सोहनलाल विश्नोई को बेची थी. एक सितंबर को वह विश्नोई से कार की रकम लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह नहीं लौटी. माना जा रहा है कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण किया गया है. लेकिन उनके अपहरणकर्ता अब तक पुलिस की पहुंच से बाहर हैं.

भंवरी देवी के पति अमरचंद का आरोप था कि उसे सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने गायब कराया था. उसका कहना था कि उसकी 37 वर्षीय पत्नी जालीवाड़ा पीपाड़ में एएनएम के पद पर कार्यरत थी. उसने अपने इच्छित स्थान पर तबादला करवाने के लिए मदेरणा से संपर्क किया. इस पर मदेरणा ने उसका स्थानांतरण तो करवा दिया, लेकिन इसके बाद फोन कर भंवरी को किसी न किसी बहाने बुलाने लगे.

इस मामले में जोधपुर जिले की एक अदालत ने भंवरी देवी के पति के इस्तगासे के आधार पर जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए थे. बाद में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाई.इसके बाद जब विरोध बढ़ा तो मदेरणा को सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया.

भंवरी देवी के अलावा राज्य के एक और मंत्री पर एक और महिला पारस देवी को आत्महत्या के लिये उकसाने का आरोप लगा है. भाजपा ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है.


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