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स्कूलों में गीता पढ़ाई जाएगी

स्कूलों में गीता पढ़ाई जाएगी

इंदौर. 14 नवंबर 2011

आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के स्कूलों के गीता पढ़ाई जाएगी. राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गीता को पाठ्यक्रम में शामिल करने की घोषणा की है. वे सोमवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबद्ध 'सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान' के रजत जयंती महाशिविर के समापन में बोल रहे थे.

शिवराज सिंह चौहान


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब भी हम स्कूलों में गीता पढ़ाने की बात करते हैं, तो कुछ लोगों को बड़ी तकलीफ होती है. अगर इससे उन लोगों को तकलीफ होती है तो होती रही. हमने तय किया है कि गीता को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा.

उन्होंने गीता की वकालत करते हुये कहा कि क्या गीता कोई सांप्रदायिक ग्रंथ है? कर्म करो, फल की चिंता मत करो, इस वाक्य में कौन सी सांप्रदायिकता है और क्या इसे बच्चों को पढ़ाना अपराध है? हालांकि सीएम ने यह भी कहा कि 'गीता' के अलावा दूसरे मजहबों की अच्छी बातें भी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी.

उन्होंने किसी का नाम लिये बिना कहा कि जब भी हमारी ओर से पाठ्यक्रम में बदलाव की बात की जाती है, तो हम पर उंगलियां उठने लगती हैं, लेकिन प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों को न तो अधूरा इतिहास पढ़ाया जाएगा, न ही अधकचरा ज्ञान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि न तो शिक्षा धर्मनिरपेक्ष हो सकती है, न ही देश. बात सर्वधर्म समभाव और सभी धर्मों के आदर की होनी चाहिये, कोरी धर्मनिरपेक्षता की नहीं.