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राहुल के 'भीख' संबंधी बयान पर हंगामा

राहुल के 'भीख' संबंधी बयान पर हंगामा

नई दिल्ली. 14 नवंबर 2011

राहुल गांधी


फूलपुर में कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश के लोगों द्वारा महाराष्ट्र में भीख मांगने की बात कहने पर बवाल मच गया है. भाजपा, सपा और मायावती के साथ-साथ बाबा रामदेव ने भी उन पर हमला बोला है.

भाजपा ने इस मुद्दे पर कहा है कि राहुल गांधी को अपनी इस बात के लिये माफी मांगनी चाहिये. भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि राहुल गांधी की यह भाषा उत्तर प्रदेश के लोगों के लिये उनके स्वाभिमान पर हमला है. उन्होंने कहा कि उत्‍तर प्रदेश के लोग स्‍वाभिमानी होते हैं. वो भूखे रह सकते हैं लेकिन किसी के सामने भीख नहीं मांगते. मैंने कभी यूपी के किसी व्‍यक्ति को महाराष्‍ट्र की सड़कों पर भीख मांगते नहीं देखा है.

शिवसेना के कार्यकारी अध्‍यक्ष उद्धव ठाकरे ने राहुल के बयान पर कहा कि हम पर प्रांतवाद का आरोप लगाया जाता है. राहुल इस तरह के बयान दे रहे हैं और कुछ नहीं होता. वो जानबूझकर इस तरह के बयान दे रहे हैं.

बाबा रामदेव ने कहा है कि देश के 84 करोड़ लोगों को अगर किसी ने भीख मांगने के लिये किसी ने विवश किया है तो उसके लिये कांग्रेस पार्टी सबसे अधिक जिम्मेवार है. उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के हिसाब का वक्त है.

बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि राहुल गांधी का यह बयान बताता है कि वे उत्तर प्रदेश की जनता के बारे में क्या सोचते हैं. मायावती ने कहा कि राज्य की मेहनतकश जनता का यह अपमान है.

गौरतलब है कि सोमवार को फूलपुर में मिशन 2012 के तहत उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी का शंखनाद करते हुये कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि राज्य की मायावती सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और केंद्र से मिलने वाली मदद में घपले कर रही है.

राहुल गांधी ने कहा कि जब तक युवा खड़ा नहीं होगा कोई आपकी मदद नहीं कर सकता. कब जगोगे, कब तक आप महाराष्ट्र में भीख माँगोगे, पंजाब में जाकर मज़दूरी करोगे, मैं आपसे जवाब चाहता हूँ.

जनता को संबोधित करते हुये राहुल गांधी ने कहा कि जब तक नेता ग़रीब के घर की रोटी नहीं खाएगा, उसकी मजबूरी को अपनी आँखों से नहीं देखेगा तब उसको ग़रीबी की समस्या समझ में नहीं आएगी. जब तक नेता गंदा पानी नहीं पिएगा, उसका पेट नहीं ख़राब होगा, उसे बीमारी नहीं होगी उसे ग़रीबी के बारे में समझ नहीं आ सकता.

राहुल गांधी का कहना था कि जब तक नेता ग़रीबों की हालत नहीं समझेंगे उन्हें ग़ुस्सा नहीं आएगा, आज मायावती या मुलायम सिंह में ये ग़ुस्सा मर गया है क्योंकि वे सत्ता के पीछे दौड़ रहे हैं. सत्ता खोज रहे हैं. भट्टा पारसौल में सरकार ने लोगों पर अत्याचार किए और उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. यूपी सरकार किसान को और हक़ माँगने वालों को नक्सलवादी बताकर उन पर गोलियाँ चलवा देती है.