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पेट्रोल के दाम घटे लेकिन फिर बढ़ेंगे

पेट्रोल के दाम घटे लेकिन फिर बढ़ेंगे

नई दिल्ली. 16 नवंबर 2011

पेट्रोल की कीमत में कटौती का देश भर में स्वागत हुआ है और आम जनता ने खुशी भी जाहिर की है. लेकिन यह खुशी एकाध महीने तक ही रहेगी क्योंकि तेल कंपनियां आने वाले महीने में कभी भी पेट्रोल की कीमतें बढ़ा सकती हैं. इंडियन ऑयल ने साफ कहा है कि रुपये की हालत जब तक ठीक है, तभी तक कीमतें कम रहेंगी.

पेट्रोल की कीमत


सरकारी घोषणा के अनुसार पेट्रोल की कीमतें 2.22 रुपये से 2.35 तक कम की गई हैं. पिछले 3 सालों में पहली बार ऐसा हुआ है, जब पेट्रोल की कीमतें घटाई गई हैं. हालांकि एक बड़े वर्ग का मानना है कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के साथ ही यातायात व माल भाड़ा समेत दूसरी चिजों में जो इजाफा हुआ है, उसके वापस होने की गुंजाइश कम ही है. ऊपर से तेल कंपनियों द्वारा इस कटौती को कभी भी खत्म करने की घोषणा से भी असमंजस की स्थिति है.

इंडियन ऑयल ने अपने बयान में कहा है कि इंडियन ऑयल व अन्य कंपनियां हर 15 दिन बाद पेट्रोल के दाम की समीक्षा कर अगले 15 दिन के लिए दाम तय करती हैं। पिछले 15 दिन की समीक्षा में उन्होंने पाया कि मौजूदा दाम पर उन्हें प्रति लीटर 1.85 रुपये का फायदा हो रहा है. इसीलिए तेल कंपनियों ने 16 नवंबर से पेट्रोल के दाम 1.85 रुपये प्रति लीटर घटाने का फैसला किया. इसमें राज्य व अन्य कर शामिल नहीं हैं.

हालांकि कंपनी की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया कि अगर रुपया इसी स्तर पर रहता है या फिर बढ़ता है, तो अगले पखवाड़े पेट्रोल की कीमत पर इसका असर होगा.

पेट्रोल पर से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद से इसकी कीमतें मनमाने तरीके से बढ़ती रही हैं. कच्चे तेल का रोना रोकर कंपनियों ने अपना मुनाफा लगातार बढ़ाया, जबकि इस पर लगने वाले सरकारी टैक्स के कारण जनता का हाल बुरा होता चला गया. पिछले महीने जब पेट्रोल की कीमत में 1.80 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई तो देश भर में इसकी आलोचना हुई. तृणमूल ने तो सरकार से समर्थन वापस लेने तक की चेतावनी दे दी. अब जा कर सरकार के दबाव में तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमतें कम की हैं.


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