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सभी मंत्रियों से गहलोत ने लिया इस्तीफा

सभी मंत्रियों से गहलोत ने लिया इस्तीफा

जयपुर. 16 नवंबर 2011

भंवरी देवी के भंवर में फंसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेने के बाद माना जा रहा था कि अब नये मंत्रिमंडल का गठन सोनिया गांधी से विचार-विमर्श के बाद ही तय करेंगे. लेकिन गहलौत ने अपने मंत्रिमंडल के 6 दागी मंत्रियों की छुट्टी करने के बाद नये सिरे से मंत्रिमंडल का गठन कर लिया है. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दागी मंत्रियों को लेकर सरकार पर बोले जा रहे हमले से कहीं अधिक परेशान कांग्रेस पार्टी के नेताओं से ही थे, जो गहलोत पर ही निशाना साध रहे थे.

अशोक गहलोत


गौरतलब है कि गोपालगढ़ दंगा, भंवरी देवी कांड, पारस देवी कांड जैसी घटनाओं के कारण सरकार को विपक्ष लगातार घेरता रहा है. इधर कांग्रेस पार्टी के नेता भी गहलोत के खिलाफ मोर्चा खोले हुये थे. ऐसे में अशोक गहलोत के लिये जरुरी था कि वह इस बात को साबित कर सकें कि विधायकों का उन पर विश्वास है. इस कारण ही उन्होंने सरकार में शामिल सभी मंत्रियों से इस्तीफा मांग लिया.

राष्ट्रपति के खिलाफ टिप्पणी के कारण वक्फ बोर्ड के मंत्री अमीन खान पहले से ही अपना पद गंवा चुके हैं. इसके अलावा सरकार में शामिल महीपाल मदेरणा भंवरी देवी सीडी कांड के बाद बर्खास्त चल रहे हैं. साथ ही साथ पारस देवी कांड में संदेह के घेरे में आये वन मंत्री रामलाल जाट ने भी सरकार को इस्तीफा सौंप दिया था. कहा जा रहा है कि कम से कम 6 मंत्री ऐसे थे, जिन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाने के लिये सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था. मंगलवार को गहलौत ने इन मंत्रियों को बाहर रखते हुये नये सिरे से मंत्रिमंडल गठित कर लिया है.

इससे पहले जोधपुर पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ भंवरी देवी प्रकरण में फंसे पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा से भी मुलाकात की. हालांकि इस मुलाकात पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया. लेकिन माना जा रहा है कि 18 जाट बहुल इलाके में बेहद मजबूत कहे जाने वाले जाटों के नेता महीपाल मदेरणा के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद अब गहलोत किसी भी तरह से डैमेज कंट्रोल में जुटे हुये हैं.