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कैश फॉर वोट में सभी को जमानत

कैश फॉर वोट में सभी को जमानत

नई दिल्ली. 16 नवंबर 2011

कैश फॉर वोट


कैश फॉर वोट कांड में बुधवार को दिल्ली की अदालत ने सभी 6 आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया है. अदालत ने इस मामले में फंसे भाजपा के सलाहकार रहे सुधींद्र कुलकर्णी, दो पूर्व सांसदों-महावीर सिंह भगोरा और फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद अशोक अर्गल के अलावा संजीव सक्सेना और सोहेल हिंदुस्तानी को जमानत दे दी है. इस मामले में अमर सिंह को पहले ही जमानत दी जा चुकी है.

नोट के बदले वोट का मामला 22 जुलाई 2008 का है, जब अमरीका से परमाणु समझौते के विरोध में यूपीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था. महावीर भगोरा, कुलस्ते और अर्गल ने लोकसभा में नोट के बंडल लहराते हुए आरोप लगाया था कि अमर सिंह ने उनके यहां पैसे भिजवाए ताकि वे अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में डाल दें. इस घटना के कारण संसद में भारी हंगामा हुआ था. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया था.

आरोप पत्र में कहा गया कि जांच के दौरान इस बात के पर्याप्त सबूत मिले हैं कि 22 जुलाई, 2008 की सुबह अमर सिंह ने अपने सचिव संजीव सक्सेना के साथ अवैध रूप से एक करोड़ रुपये देने का आपराधिक षड्यंत्र रचा था. इस मामले में 3 साल बाद पहली गिरफ्तारी संजीव सक्सेना की हुई.

बाद में अदालत के निर्देश पर भाजपा के सलाहकार रहे सुधींद्र कुलकर्णी, दो पूर्व सांसदों-महावीर सिंह भगोरा और फग्गन सिंह कुलस्ते, सांसद अशोक अर्गल, संजीव सक्सेना, सोहेल हिंदुस्तानी और अमर सिंह को गिरफ्तार किया गया था.

कुछ दिनों तक जेल में रहने के बाद इस मामले में अमर सिंह को 24 अक्टूबर को जमानत मिल गई थी. बुधवार को अदालत ने सभी 6 लोगों को जमानत दे दी.